नेपाल में अंतरिम सरकार के गठन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है amid political unrest. अब तक PM प्रधानमंत्री पद के लिए कोई अंतिम नाम तय नहीं हुआ है. पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की पहले इस रेस में सबसे आगे मानी जा रही थीं. अब कुलमान घीसिंग का नाम सबसे प्रबल दावेदार के रूप में सामने आ रहा है. उनकी प्रशासनिक छवि और तकनीकी पृष्ठभूमि ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाया है.कुलमान घीसिंग ने भारत के जमशेदपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी. वह दो बार नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (NEA) के मैनेजिंग डायरेक्टर पद पर रहे हैं. पहला कार्यकाल 2016 से 2020 और दूसरा 2021 से 2025 तक सफलतापूर्वक निभाया.
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अब माना जा रहा है कि घीसिंग को अंतरिम प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी मिल सकती है. उनका प्रशासनिक अनुभव और युवाओं का समर्थन उन्हें मजबूत उम्मीदवार बनाता है. नेपाली राजनीति में तकनीकी नेतृत्व के रूप में उनका नाम तेजी से उभरा है.
यदि नियुक्ति हुई, तो वह एक गैर-राजनीतिक प्रधानमंत्री के रूप में इतिहास रचेंगे.उनकी छवि से नेपाल को स्थिरता और पारदर्शिता की नई राह मिल सकती है.
कुलमान घीसिंग ने भारत के जमशेदपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी.वह दो बार नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (NEA) के मैनेजिंग डायरेक्टर पद पर रहे हैं.पहला कार्यकाल 2016 से 2020 और दूसरा 2021 से 2025 तक सफलतापूर्वक निभाया.
उन्होंने नेपाल में बिजली कटौती की समस्या को खत्म कर कई इलाकों में बिजली पहुंचाई.इसी कारण लोग उन्हें नेपाल का ‘बिजली मैन’ कहकर पहचानने लगे.
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PM : ओली सरकार ने बर्खास्त किया, फिर भी बनी रही लोकप्रियता
केपी शर्मा ओली की सरकार ने उन्हें 24 मार्च 2025 को पद से हटा दिया. घीसिंग ने उद्योगपतियों के बिजली बिल माफ करने से इनकार किया था. इसी कारण सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई की और उन्हें बर्खास्त कर दिया. बर्खास्तगी के बाद भी युवाओं और आम जनता में उनकी लोकप्रियता और बढ़ी. उनकी साफ-सुथरी छवि ने उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाई है.उन्होंने NEA में रहते हुए नेपाल के हाइड्रो पॉवर सेक्टर में बड़ा सुधार किया. वर्ष 2023-24 में नेपाल ने पहली बार भारत को बिजली निर्यात करना शुरू किया. यह उपलब्धि कुलमान घीसिंग की नेतृत्व क्षमता का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है.
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