March 7, 2026

Central Times

Most Trusted News on the go

जांच

H-1B और H-4 वीजा आवेदक सोशल मीडिया जांच के दायरे में

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन 15 दिसंबर से H-1B वीजा और उससे जुड़े H-4 वीजा आवेदकों के लिए सख्त जांच प्रक्रिया लागू करने जा रहा है। नए नियमों के तहत अब इन वीजा श्रेणियों के सभी आवेदकों की सोशल मीडिया प्रोफाइल की भी समीक्षा की जाएगी। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इस कदम का मकसद वीजा प्रक्रिया को और अधिक कठोर बनाना और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करना है। निर्देशों के तहत आवेदकों को अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल की प्राइवेसी सेटिंग सार्वजनिक रखने को कहा गया है, ताकि जांच प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

Also Read: DRDO 2025 इंटर्नशिप शुरू स्टाइपेंड सहित

विदेश विभाग ने बताया है कि अब H-1B और H-4 वीजा आवेदकों की ऑनलाइन गतिविधियों की जांच अनिवार्य कर दी गई है, जबकि पहले यह नियम केवल F, M और J श्रेणी के छात्र और एक्सचेंज वीजा पर लागू था। इस फैसले के बाद भारत में कई H-1B वीजा आवेदकों के इंटरव्यू दोबारा शेड्यूल किए गए हैं। विभाग ने साफ कहा है कि अमेरिकी वीजा कोई अधिकार नहीं बल्कि एक विशेष सुविधा है और हर वीजा फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होता है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी उपलब्ध जानकारियों के आधार पर यह सुनिश्चित किया जाता है कि कोई भी आवेदक अमेरिका की सुरक्षा या सार्वजनिक हित के लिए जोखिम न बने। यह कदम ट्रंप प्रशासन की सख्त आव्रजन नीति का हिस्सा है, जिसके तहत पहले भी H-1B वीजा कार्यक्रम में संभावित दुरुपयोग रोकने के लिए कई कड़े उपाय किए जा चुके हैं।

नए H-1B नियमों से सबसे अधिक प्रभावित आईटी पेशेवर

इस फैसले के बाद भारतीय पेशेवरों, खासकर आईटी क्षेत्र से जुड़े H-1B वीजा आवेदकों में चिंता बढ़ गई है। हाल ही में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद में इस मुद्दे पर कहा था कि वीजा आवेदकों की जांच करना मेजबान देश का अधिकार है और वीजा जारी करना किसी भी सरकार का संप्रभु निर्णय होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका का रुख साफ है, जहां हर वीजा से जुड़ा फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित माना जाता है। जयशंकर के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन वीजा आवेदकों की ऑनलाइन गतिविधियों की समीक्षा करने की मंशा रखता है।

Also Read: बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश को कैबिनेट ने दी पूरी मंजूरी