अमेरिका और ईरान ने महीनों से चला आ रहा युद्ध समाप्त कर ऐतिहासिक समझौता किया। डोनाल्ड ट्रंप और मसूद पेज़ेशकियन ने MoU पर हस्ताक्षर कर तुरंत लागू किया। चार महीने पुराना तनाव खत्म हुआ और दोनों देशों ने शांति प्रक्रिया शुरू की। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों ने इस समझौते को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई सक्रिय रूप से। इस समझौते ने पश्चिम एशिया में स्थिरता और सहयोग की नई उम्मीदें पैदा कीं।
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अमेरिका-ईरान ने ऐतिहासिक समझौता कर महीनों पुराना संघर्ष समाप्त किया
ईरान को बड़े निवेश और आर्थिक सहायता के रूप में महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त हुआ। खाड़ी देशों और निजी निवेशकों से तीन सौ अरब डॉलर का निवेश प्रस्तावित हुआ। ईरान को जब्त डेढ़ सौ अरब डॉलर वापस मिलेंगे और किस्तों में भुगतान होगा। तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर लगी रोक हटाकर नए व्यापार अवसर खोले जाएंगे। ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और उसके कार्यक्रम की निगरानी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां करेंगी।
अमेरिका ने ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हटाने का निर्णय समझौते में स्वीकार किया। अमेरिकी सेना को ईरान के पास से हटाकर क्षेत्रीय तनाव कम किया जाएगा। होर्मुज़ जलमार्ग में तीस दिनों के भीतर सामान्य व्यापारिक गतिविधियां बहाल होंगी पूरी तरह। दोनों देशों ने भविष्य में सैन्य टकराव से बचने का वादा किया है। इस कदम से वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद बढ़ी है।
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ट्रंप-पेज़ेशकियन डील से युद्ध खत्म, शांति की नई शुरुआत हुई
समझौते पर हस्ताक्षर वर्साय में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की मौजूदगी में हुए। डोनाल्ड ट्रंप ने औपचारिक समारोह में ईरान समझौते पर दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान सभी नेताओं ने हाथ मिलाया और तालियों से समझौते का स्वागत किया। पहले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी वार्ताकारों ने इलेक्ट्रॉनिक रूप से सहमति दी थी। समझौते की प्रतियां ईरान और मध्यस्थ देशों को आधिकारिक रूप से भेजी गई हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अंतिम मंजूरी लेकर फाइनल समझौता आगे लागू किया जाएगा। दोनों देशों ने साठ दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर आगे बातचीत करने का निर्णय लिया। ईरान ने परमाणु कार्यक्रम सीमित रखने और शांतिपूर्ण उपयोग की गारंटी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दी। अमेरिका ने सभी प्रतिबंध हटाने और सहयोग बढ़ाने का आश्वासन इस समझौते में दिया। इस ऐतिहासिक कदम ने वैश्विक राजनीति में शांति और स्थिरता की नई दिशा दी।
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