सीनेट के बैठक में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी को सीनेट का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया, जबकि पीएमएल-एन के सैदल खान नासिर को उपसभापति चुना गया। सीनेट में पीटीआई के सांसदों के विरोध के बीच यह चयन किया गया है। पीटीआई सांसदों ने मांग की थी कि सत्र को खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के सीनेटरों के चुनाव तक स्थगित किया जाए। खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के सीनेटरों के चुनाव दो अप्रैल को होने थे, लेकिन आरक्षित सीटों पर निर्वाचित सदस्यों की शपथ पर हुए विवाद के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।
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चुनावों में देरी: सीनेट में नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई गई
इस महीने की शुरुआत में, इस्लामाबाद, पंजाब, और सिंध में चुनाव हो चुके थे, लेकिन खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में चुनाव नहीं हुआ था। यहां प्रांतीय असेंबली अध्यक्ष बाबर सलीम स्वाति के आरक्षित सीटों पर विपक्षी सांसदों को शपथ दिलाने से इनकार करने के कारण 11 सीटों पर सीनेट चुनाव में देरी हुई। पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने पीटीआई और सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल (एसआईसी) की इन सीटों के आवंटन की मांग को खारिज कर दिया था, जिसके बाद ये सीटें पीपीपी, पीएमएल-एन और अन्य दलों को आवंटित की गई थीं। सत्र शुरू होने के बाद 41 नवनिर्वाचित सीनेटरों को शपथ दिलाई गई।
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सीनेट में कुल 96 सदस्य हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 85 सीनेटर ही इसके सदस्य हैं क्योंकि खैबर पख्तूनख्वा से 11 सीनेटरों के लिए चुनाव अभी बाकी हैं। सभापति और उप मुख्यमंत्री के चुनाव के साथ सत्तारूढ़ गठबंधन ने सत्ता पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली क्योंकि अब संसद के दोनों सदनों पर उसका नियंत्रण है।
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