अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद पाकिस्तान में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। ईरान के साथ करीब 900 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करने वाले पाकिस्तान ने इस घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है। मंगलवार (3 मार्च 2026) को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल पर पाकिस्तान के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि इजरायल पाकिस्तान को अपने प्रभाव में लाना चाहता है और इस रणनीति में भारत भी शामिल है।
रक्षा मंत्री ने आशंका जताई कि यदि मौजूदा संघर्ष में इजरायल को बढ़त मिलती है, तो वह अफगानिस्तान, भारत और ईरान के साथ मिलकर पाकिस्तान को घेरने की कोशिश कर सकता है। उन्होंने कहा कि इससे पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति और जटिल हो सकती है। गौरतलब है कि पाकिस्तान के अफगानिस्तान के साथ पहले से ही तनावपूर्ण संबंध हैं, जबकि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक सैन्य टकराव भी हुआ था। ईरान की सीमा पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत से लगती है, जहां लंबे समय से अस्थिरता बनी हुई है।
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ख्वाजा आसिफ का हमला, मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में ख्वाजा आसिफ ने कहा कि 1948 में इजरायल की स्थापना के बाद से इस्लामी दुनिया में कई संघर्षों में जायोनिज्म की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम देशों में बड़े टकरावों के पीछे यही विचारधारा काम करती रही है और वैश्विक शक्तियां भी इससे प्रभावित रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान बातचीत के लिए तैयार था, लेकिन उस पर युद्ध थोपा गया।रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान के 25 करोड़ नागरिकों से राजनीतिक और धार्मिक मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने 1998 के परमाणु परीक्षणों और देश की परमाणु क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि यही ताकत पाकिस्तान की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। साथ ही उन्होंने फिलिस्तीन के समर्थन में आवाज उठाते हुए मुस्लिम देशों से एकता की अपील की।
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