इंडोनेशिया के माउंट डुकोनो ज्वालामुखी पर ऐसा ही दर्दनाक हादसा हुआ। सोशल मीडिया के लिए खतरनाक जगहों पर वीडियो ,तस्वीरें बनाने का बढ़ता जुनून कई बार जानलेवा साबित हो रहा है। चेतावनियों ,नो-गो जोन के बावजूद करीब 20 हाइकर्स पहाड़ पर चढ़ गए। इसके बाद अचानक ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ। देखते ही देखते पूरा आसमान राख और धुएं से भर गया। इस हादसे में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं अधिकारियों का कहना है कि कई विदेशी पर्यटक सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के लिए खतरे को नजरअंदाज कर रहे हैं। हादसे के बाद इलाके में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि आसपास कोई आबादी नहीं थी, इसलिए बड़े स्तर पर नुकसान नहीं हुआ।
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माउंट डुकोनो विस्फोट से मचा हड़कंप
शुक्रवार को इंडोनेशिया के हलमहेरा द्वीप स्थित माउंट डुकोनो ज्वालामुखी में बड़ा विस्फोट हुआ। अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट के बाद करीब 10 किलोमीटर ऊंचाई तक राख का विशाल गुबार उठ गया। इसी दौरान ज्वालामुखी के आसपास मौजूद हाइकर्स इसकी चपेट में आ गए। मृतकों में दो सिंगापुर के नागरिक और एक स्थानीय व्यक्ति शामिल हैं। घटना के बाद राहत और बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया। इसके अलावा, नॉर्थ हलमहेरा पुलिस प्रमुख एरलिक्सन पासारीबू ने बताया कि हादसे के समय कुल 20 हाइकर्स ज्वालामुखी की ढलानों पर मौजूद थे। इनमें नौ सिंगापुर के नागरिक थे जबकि बाकी इंडोनेशियाई थे। अब तक 15 हाइकर्स को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। हालांकि कुछ लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि मृतकों के शव अभी पहाड़ी क्षेत्र में ही मौजूद हैं।
वैज्ञानिकों ने मालुपांग वारिरांग क्रेटर के आसपास बढ़ती भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की थीं। दरअसल, दिसंबर से ही सेंटर फॉर वोल्केनोलॉजी एंड जियोलॉजिकल हैजार्ड मिटिगेशन लगातार चेतावनी जारी कर रहा था। इसलिए लोगों को चार किलोमीटर के दायरे में न जाने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद कई हाइकर्स वहां पहुंच गए। प्रशासन का कहना है कि लोगों ने सुरक्षा निर्देशों को पूरी तरह नजरअंदाज किया। इसके साथ ही अधिकारियों ने बताया कि ट्रेल एंट्री पॉइंट्स पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए थे। सोशल मीडिया पर भी खतरे की जानकारी साझा की गई थी। स्थानीय लोग इस खतरे को समझते थे और वहां जाने से बच रहे थे। हालांकि कई विदेशी पर्यटक रोमांच और कंटेंट बनाने के लिए वहां पहुंच गए। बता दें कि इंडोनेशिया “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में स्थित है। इसी कारण वहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं।
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