अमेरिका और इसराइल के हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत के बाद देश में नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि उनके बेटे मोजतबा ख़ामेनेई सुरक्षित हैं या नहीं। कुछ दिनों तक उनके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई। हालांकि, तीन मार्च को ईरान के सरकारी मीडिया ने पुष्टि की कि मोजतबा जीवित हैं और देश के महत्वपूर्ण मामलों पर सलाह-मशविरा कर रहे हैं। इसके बावजूद वे अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने दो ईरानी सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि मोजतबा ख़ामेनेई को ईरान के अगले सुप्रीम लीडर के रूप में प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना मुश्किल है। ईरान के संविधान के अनुसार नए सर्वोच्च नेता के चयन की जिम्मेदारी ‘असेंबली ऑफ़ एक्सपर्ट्स’ नाम की धार्मिक संस्था के पास होती है। इस संस्था में 88 सदस्य शामिल होते हैं और वही देश के सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक नेता का चयन करती है। रिपोर्टों के अनुसार यह संस्था नए नेता के चयन को लेकर विचार-विमर्श कर रही है और संभव है कि जल्द किसी निष्कर्ष पर पहुँचे।
अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत के बाद उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा तेज
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ईरान की फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी, जिसे इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर के क़रीब माना जाता है, ने संकेत दिया है कि अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार से पहले नए नेता की घोषणा होने की संभावना कम है। इसलिए फिलहाल पूरे देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़र इस प्रक्रिया पर टिकी हुई है।
मोजतबा ख़ामेनेई की छवि अपने पिता से अलग मानी जाती है। उन्होंने हमेशा सार्वजनिक जीवन में कम प्रोफ़ाइल बनाए रखा है। उन्होंने कभी कोई औपचारिक सरकारी पद नहीं संभाला और न ही वे अक्सर सार्वजनिक मंचों पर भाषण देते हैं। इसके अलावा उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी है और उनके बहुत कम इंटरव्यू, तस्वीरें या वीडियो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। इसके बावजूद ईरान की राजनीतिक और धार्मिक व्यवस्था में उनका प्रभाव माना जाता है, जिसके कारण उन्हें संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है।
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