ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोमवार को इस्राइल पर पश्चिम एशिया में एक बड़े युद्ध को भड़काने और तेहरान को संघर्ष में उलझाने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने करीब दो दर्जन मीडिया कर्मियों से बातचीत में कहा कि ईरान गाजा में जारी युद्ध और इस्राइल-लेबनान सीमा पर हो रहे हवाई हमलों को बढ़ाना नहीं चाहता। यह जानकारी एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट में सामने आई।
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इस्राइल पर युद्ध भड़काने का आरोप
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा, “हम लड़ाई नहीं चाहते हैं। इस्राइल पूरे क्षेत्र को युद्ध में धकेलने और अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है। वह हमें एक ऐसे बिंदु पर ले जा रहा है, जहां हम नहीं जाना चाहते।” यह पहला अवसर है जब 70 वर्षीय ईरानी नेता ने किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। पेजेश्कियन इस हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बैठक में भी शामिल हो रहे हैं।
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इस्राइल की गतिविधियों पर आलोचना
इसी बीच, इस्राइल ने लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्ला के खिलाफ अपने हमले तेज कर दिए हैं। पेजेश्कियन ने कहा, “इस्राइल दावा करता है कि वह एक व्यापक युद्ध नहीं चाहता, लेकिन उसकी गतिविधियां इसके विपरीत हैं।” उन्होंने लेबनान में हाल ही में पेजर्स, वॉकी-टॉकी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में हुए धमाकों का जिक्र किया, जिनके लिए उन्होंने इस्राइल को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही, उन्होंने 31 जुलाई को तेहरान में हमास के पूर्व प्रमुख इस्माइल हानिया की हत्या का भी उल्लेख किया।
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ईरान पर मिसाइल आपूर्ति के आरोप
दो हफ्ते पहले अमेरिका और ब्रिटेन ने ईरान पर रूस को कम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलें आपूर्ति करने का आरोप लगाया था, जिनका उपयोग यूक्रेन के खिलाफ किया जा रहा है। इसके जवाब में, मॉस्को और तेहरान पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की गई। पेजेश्कियन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ईरान ने न तो कभी रूस को बैलिस्टिक मिसाइलें दी हैं और न ही भविष्य में ऐसा करने की योजना है। उन्होंने यह भी कहा, “हमने कभी भी यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामकता को समर्थन नहीं दिया है।” इसके साथ ही, उन्होंने दोनों देशों से बातचीत की अपील की।
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