भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जुलाई से दो दिनों के लिए पेरिस, के दौरे पर जा रहे हैं.पीएम मोदी ‘बैस्टिल डे’ नाम के एक खास कार्यक्रम में अहम मेहमान बनकर जा रहे हैं. यह दूसरी बार है जब फ्रांस ने भारत के किसी महत्वपूर्ण नेता को अपने कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है.2009 में भारत के प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने एक विशेष कार्यक्रम में एक बहुत ही महत्वपूर्ण अतिथि के रूप में भाग लिया.दो देशों के नेता अलग-अलग चीज़ों पर बात कर सकते हैं, जैसे सेनाओं और रणनीतियों के बारे में समझौते, रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध और भारत-प्रशांत क्षेत्र में क्या हो रहा है.
भारत का दोस्त..
हर साल फ्रांस के बैस्टिल दिवस समारोह में भारतीय नेताओं को आमंत्रित किया जाता है. इससे पता चलता है कि भारत और फ्रांस बहुत अच्छे दोस्त हैं. भारत के अपना देश बनने के बाद 40 वर्षों तक ब्रिटेन और भारत वास्तव में अच्छे दोस्त थे. लेकिन पिछले 30 वर्षों में, वे दोनों यूरोप में वास्तव में अच्छे दोस्त बन गए हैं. उनके विचार और चीजें समान हैं जो उन दोनों को पसंद हैं. फ्रांस भारत का सबसे करीबी दोस्त बन गया है, रूस से भी ज्यादा.1998 में हुए विशेष समझौते ने दोनों देशों की दोस्ती को और भी मजबूत बना दिया. पिछले 25 वर्षों में दोनों देश वही कर रहे हैं जो उन्होंने इस समझौते में वादा किया था.

फ्रांस से मदद..
पश्चिमी दुनिया के कई देशों ने किसी घटना के कारण भारत पर नियम लागू कर दिए. लेकिन इन नियमों को बनाने में फ्रांस इन देशों के साथ शामिल नहीं हुआ. फ्रांस ने भी भारत को इन नियमों से जल्द छुटकारा दिलाने में मदद की. कुछ देशों ने कहा कि वे भारत को हथियार नहीं बेचेंगे, लेकिन फ्रांस उनसे सहमत नहीं हुआ और फिर भी भारत को हथियार बेचे. पिछले 25 वर्षों में, फ्रांस भारत को विमान और पनडुब्बियों जैसी विभिन्न रक्षा सामग्री बेचने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है. इस स्थिति में रूस फ्रांस से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है.


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