नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रांत में गुरुवार सुबह आए भूकंप के झटकों ने लोगों को डरा दिया। सुबह करीब 8:32 बजे जब धरती कांपी, तो कई लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों की ओर भागने लगे। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.0 दर्ज की गई, जिसे हल्का माना जाता है, लेकिन इसका असर स्थानीय स्तर पर साफ तौर पर देखा गया।
राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र (NEMRC) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र दार्चुला जिले के मुरई क्षेत्र के आसपास जमीन के भीतर स्थित था। इसके झटके न सिर्फ दार्चुला, बल्कि आसपास के बैतड़ी और बझांग जिलों में भी महसूस किए गए। कई लोगों ने बताया कि झटके कुछ सेकंड तक महसूस हुए, जिससे अचानक अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।
भूकंप से दहला नेपाल, लोगों में डर का माहौल
हालांकि, राहत की बात यह रही कि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण किसी भी प्रकार के बड़े नुकसान या जनहानि की कोई सूचना नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने तुरंत स्थिति का जायजा लिया और पुष्टि की कि सभी इलाकों में हालात सामान्य हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र में स्थित नेपाल दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है। यह क्षेत्र भारतीय और यूरेशियन टेक्टॉनिक प्लेटों के बीच स्थित है, जहां प्लेटों की हलचल के कारण अक्सर भूकंप आते रहते हैं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से नेपाल भूकंपीय जोन 4 और 5 में आता है, जो इसे उच्च जोखिम वाला क्षेत्र बनाता है।
Also Read : उत्तर भारत में मौसम बदलेगा: MP-राजस्थान में बारिश, पहाड़ी राज्यों में हिमपात की संभावना
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि पिछले एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बार है जब सुदूरपश्चिम प्रांत में भूकंप आया है। इससे पहले सोमवार को 4.1 तीव्रता का भूकंप बझांग जिले के रायल क्षेत्र के पास दर्ज किया गया था। उस दौरान भी लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए थे, हालांकि तब भी कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था।
इसके अलावा, 17 मार्च को भी दार्चुला जिले के सीतौला क्षेत्र में 4.0 तीव्रता का भूकंप आया था। लगातार हो रही इन भूकंपीय घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है और विशेषज्ञ इसे क्षेत्र में बढ़ती भूगर्भीय गतिविधियों का संकेत मान रहे हैं। फिलहाल प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रहा है।
Also Read : यूपी MSP किसान योजना: क्या योगी सरकार किसानों को दे रही असली लाभ?


More Stories
Climate Meets Technology: Advancing Innovation for a Sustainable Future
James Dyson Award 2026: Indian Student Designs Electric Vehicle for Security Patrols
बस हादसे के बाद खुली पोल, ग्रेटर नोएडा में 1.55 लाख का चालान और सुरक्षा इंतजामों की कमी