अमेरिकी एंबेसी ने रूस की राजधानी मॉस्को में एक बड़े हमले होने की चेतावनी जारी की है. इस घड़ी में, अमेरिकी एंबेसी ने इस बड़े हमले की संभावना को लेकर महत्वपूर्ण इंटेलिजेंस इनपुट की बात की है. इस दावे में उच्चाधिकारी ने यह भी कहा है कि चरमपंथी संगठन विभिन्न भागों में हिंसा और अशांति बढ़ा सकते हैं, और इसका निशाना बन सकते हैं.
अमेरिकी एंबेसी ने जारी की चेतावनी
NATO देश तो सीधे रूस के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, लेकिन यूक्रेन सेना को हथियारों में सहायता प्रदान करके वे रूस के खिलाफ तैयारी कर रहे हैं. इसके बावजूद, अब खतरा है कि रूस के भीतर से हमला हो सकता है, खासकर मॉस्को में. खबरों के अनुसार, रूस की राजधानी मॉस्को में एक बड़े हमले की संभावना है. इस साल रूस में राष्ट्रपति चुनाव होने वाला है, और खबरों के अनुसार, इससे पहले चरमपंथी संगठन रूस की राजधानी मॉस्को को दहलाने की योजना बना रहा है. इस पर US एंबेसी ने चेतावनी दी है और राष्ट्रपति चुनाव से पहले मॉस्को पर होने वाले बड़े हमले की संभावना को बताया है.
युद्ध के चलते अब दो साल से ज्यादा समय बीत गया है, लेकिन इसका अब तक कोई स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रहा है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस युद्ध में अब तक लगभग 5 लाख रूसी और यूक्रेनियों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा, यूक्रेन के लाखों लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं. वर्तमान स्थितियों को देखते हुए, यह लगता है कि युद्ध जल्दी रुकने के आसार बनना मुश्किल है.
मार्च के 15 तारीख को रूस में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं
मार्च के 15 तारीख को रूस में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं, जिसके साथ ही यहां कई परेशानियों का सामना है. रूस, जो युद्धग्रस्त है, उसे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है और इसकी अर्थव्यवस्था खराब दौर से गुजर रही है. इसके अलावा, देश के भीतर भी पुतिन के खिलाफ आवाजें बढ़ रही हैं. इस मौके पर, रूस के चरमपंथी गुट बढ़ सकते हैं. अमेरिकी एंबेसी ने अपने अहम इंपुट के माध्यम से दावा किया है कि मॉस्को में बड़ा हमला हो सकता है और इस दावे में यह भी कहा गया है कि चरमपंथी गुट मॉस्को के भीड़-भाड़ वाले इलाके को निशाना बना सकते हैं.
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रूस में तो नियमित चुनाव होते हैं, लेकिन पुतिन ने वहां की सत्ता पर 24 सालों से कब्जा बनाए हुए हैं. रूसी कानून के अनुसार, किसी भी 21 साल के रूसी नागरिक को चुनाव में उम्मीदवार बनने का हक है, लेकिन इस चुनाव में भी पुतिन के सत्ता में रहने का खतरा है. कुछ लोग पुतिन को तानाशाही का आरोप लगाते हैं और हाल ही में रूसी विपक्षी नेता एलेक्सी नवालनी की विधवा यूलिया नवलनाया ने रूस के लोगों से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ बड़े पैमाने पर चुनावों के दौरान प्रदर्शन करने के लिए आह्वान किया था.


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