भारत ने अक्सर विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर दुनिया के ताकतवर देशों के सामने भी अपनी स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करने से नहीं चूकता। भारत वही करता है जो उसे भाता है। दुनिया के अन्य देशों की तरह वह किसी भी देश का पिछ लग्गू नहीं है। यही बात भारत को दुनिया से अलग करती है और पूरे विश्व को अपनी उभरती ताकत का एहसास भी कराती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में एक प्रस्ताव को लेकर हुई वोटिंग में परिषद के 15 में से 14 सदस्य एक तरफ खड़े दिखे, लेकिन भारत ने यहां भी अकेले खड़े होकर दुनिया को अपनी चिंताओं से अवगत कराने की हिम्मचत दिखाई। आपको बता दें कि इस दौरान भारत यूएनएससी का अल्पकालिक अध्यक्ष भी है। आइए अब आपको बताते हैं कि यह पूरा मामला था क्या, जिस पर भारत को दुनिया से अलग स्टैंड लेना पड़ा?
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