March 7, 2026

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जीडीपी

अप्रैल-जून तिमाही में जीडीपी उम्मीद से ज्यादा बढ़ी, सेंसेक्स-निफ्टी ने दिखाई तेजी

अप्रैल-जून तिमाही में भारत की जीडीपी 7.8 प्रतिशत बढ़ने और भारत, चीन और रूस के एक मंच पर आने के बाद सोमवार को शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 343.46 अंक चढ़कर 80,153.11 पर और निफ्टी 105.8 अंक बढ़कर 24,532.65 तक पहुंच गया। हालांकि, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 17 पैसे गिरकर 88.26 पर खुला। अप्रैल-जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था उम्मीद से कहीं ज्यादा 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जिसने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। यह पांच तिमाहियों में सबसे तेज आर्थिक वृद्धि रही, जिसने बाजार में हरियाली लाने में अहम योगदान दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा, शांति और स्थिरता आर्थिक प्रगति की नींव हैं और मौजूदा हालात निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत दे रहे हैं।

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कंपनियों का प्रदर्शन, निवेश प्रवाह और जीडीपी का असर

सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, पावर ग्रिड, एचसीएल टेक और एनटीपीसी को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। वहीं हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी और सन फार्मा जैसी दिग्गज कंपनियों में गिरावट दर्ज की गई। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 8,312.66 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 11,487.64 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इस मजबूत घरेलू निवेश ने विदेशी बिकवाली का दबाव कम किया और बाजार को सहारा दिया। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि उम्मीद से काफी बेहतर है और प्रस्तावित जीएसटी सुधार तथा म्यूचुअल फंडों में भारी नकदी प्रवाह आने वाले समय में बाजार को मजबूती देंगे।

विशेषज्ञों ने कहा कि चीन, भारत और रूस के सहयोग से वैश्विक शक्ति समीकरण बदल सकते हैं और इसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और भारतीय बाजार पर गहराई से दिखेगा। एशियाई बाजारों में शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 गिरावट के साथ बंद हुए। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को लाल निशान पर बंद हुए और वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.41 प्रतिशत गिरकर 67.20 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। पिछले कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 270.92 अंक गिरकर 79,809.65 पर बंद हुआ था और निफ्टी 74.05 अंक टूटकर 24,426.85 पर आ गया था, लेकिन सोमवार को बाजार ने मजबूत वापसी की और निवेशकों को राहत मिली।

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