ब्रिटेन की महारानी ऐलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद उनके बेटे प्रिंस चार्ल्स को उत्तराधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रिंस चार्ल्स ब्रिटेन के नए राजा हैं। प्रिंस चार्ल्स का पूरा नाम चार्ल्स फिलिप आर्थर जॉर्ज है जो प्रिंस फिलिप और एलिजाबेथ द्वितीय के बड़े बेटे हैं। चार्ल्स का जन्म 14 नवंबर 1948, बकिंघम पैलेस में हुआ था। वे ब्रिटिश शाही परिवार में महारानी के बाद राजगद्दी के पहले उत्तराधिकारी हैं।
शादी
चार्ल्स ने 29 जुलाई, 1981 को लेडी डायना स्पेंसर से शादी की थी। दोनों के दो बेटे प्रिंस विलियम और हैरी हैं। 1996 में चार्ल्स और डायना दोनों अलग हो गए थे। 1997 में पेरिस में हुए एक कार हादसे में प्रिंसेस ऑफ वेल्स डायना की मौत हो गई थी। बाद में नौ अप्रैल, 2005 को चार्ल्स ने कैमिला पार्कर से शादी कर ली थी। चार्ल्स अभी 73 वर्ष के हैं। चार्ल्स के राजा बनने के बाद उनके बड़े बेटे ड्यूक ऑफ कैंब्रिज प्रिंस विलियम अब वेल्स के राजकुमार कहलाएंगे।
यहां से की चार्ल्स ने पढ़ाई
चार्ल्स ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा वेस्ट लंदन के हिल हाउस स्कूल में प्राप्त की। हैम्पशायर और स्कॉटलैंड में निजी स्कूली शिक्षा के बाद चार्ल्स ने 1967 में कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज में प्रवेश लिया। उन्होंने 1971 में वहां स्नातक की डिग्री ली। जहां उन्होंने मानव विज्ञान, पुरातत्व और इतिहास की पढ़ाई की, कनाडा में जन्मे प्रोफेसर जॉन कोल्स उनके अनुशिक्षक थे।
कला में स्नातक की डिग्री हासिल की
23 जून 1970 को उन्होंने कला में स्नातक की डिग्री हासिल की और विश्वविद्यालय की डिग्री प्राप्त करने वाले शाही परिवार के वे तीसरे सदस्य बने। इसके बाद 2 अगस्त 1975 को विश्वविद्यालय के परंपरा के अनुसार उन्हें कैम्ब्रिज से कला में स्नातकोत्तर की डिग्री से सम्मानित किया गया। इसके बाद चार्ल्स ने ओल्ड कॉलेज (एबेरिस्टवेथ में स्थित वेल्स विश्वविद्यालय का एक हिस्सा) में भी दाखिला लिया, जहां उन्होंने वेल्स भाषा और वेल्स इतिहास का अध्ययन किया। वे वेल्स के ऐसे पहले युवराज थे, जिनका जन्म वेल्स से बाहर होने के बावजूद उन्होंने रियासत की भाषा सीखने का प्रयास किया।
राजा को मिलेंगी शक्तियां
महारानी एलिजाबेथ ब्रिटेन के अलावा 14 कॉमनवेल्थ देशों की भी महारानी थीं। अब किंग चार्ल्स इन देशों के राजा होंगे। अब राजा के पास देश में सरकार की नियुक्ति को लेकर शक्तियां होंगी। आम चुनाव जीतने वाली पार्टी के नेता को आमतौर पर बकिंघम पैलेस बुलाया जाता है, जहां उन्हें सरकार बनाने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया जाता है। वहीं पहले रानी दूसरे देशों के मेहमान राष्ट्राध्यक्षों की मेजबानी करती थीं। अब उनकी जगह अब किंग चार्ल्स III यानी चार्ल्स फिलिप आर्थर जॉर्ज करेंगे।


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