भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस सप्ताह दिल्ली समेत उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में भीषण लू चलेगी। विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए तीन दिनों का येलो अलर्ट जारी किया है। डॉक्टरों ने कहा कि प्रदूषण और लू मिलकर लोगों की सेहत पर दोगुना असर डालते हैं। सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टर एम वली ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि यह स्थिति जल्द ही रेड अलर्ट में बदल सकती है। डॉक्टरों ने कहा कि गर्मी और प्रदूषित हवा लोगों की सांसों पर बुरा असर डालती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर घट सकता है और दमा, ब्लड प्रेशर व दिल के मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक बाहर न निकलने की सलाह दी।
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लू और प्रदूषण का खतरनाक असर, डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
विशेषज्ञों ने गर्मी से बचाव के लिए एसपीएफ़-50 सनस्क्रीन लगाने,हर तीन घंटे बाद दोबारा लगाने की सलाह दी। डब्ल्यूएचओ ने घर को ठंडा रखने के लिए रात में खिड़कियां खोलने और दिन में पर्दे बंद रखने को कहा। डॉक्टरों ने बताया कि 40 डिग्री से कम तापमान में पंखे मदद करते हैं, लेकिन इससे ज्यादा गर्मी में कूलर या एसी जरूरी हो जाता है। उन्होंने एसी को 27 डिग्री पर चलाने और साथ में पंखा इस्तेमाल करने की सलाह दी। इससे बिजली की बचत भी होती है। डॉक्टरों ने लोगों को ज्यादा तला-भुना और चिकनाई वाला खाना खाने से बचने को कहा। उन्होंने बताया कि कोल्ड ड्रिंक और बीयर शरीर को ठंडा नहीं रखते, बल्कि शरीर में पानी की कमी बढ़ाते हैं। विशेषज्ञों ने हर घंटे पानी पीने और दिनभर में कम से कम दो से तीन लीटर तरल लेने की सलाह दी।
डॉक्टरों ने सत्तू, मट्ठा और लौकी के जूस जैसे पारंपरिक पेय पीने को बेहतर बताया। उन्होंने कहा कि खाली पेट या बहुत ज्यादा खाना खाकर धूप में नहीं निकलना चाहिए। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि अगर तेज गर्मी में पसीना आना बंद हो जाए या सांस लेने में दिक्कत हो तो यह हीट स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। विशेषज्ञों ने बताया कि हीट स्ट्रोक में व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है और शरीर के अंगों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। एक वैज्ञानिक प्रयोग में पाया गया कि 40 डिग्री तापमान पर दिल की धड़कन, सांसों की गति और शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है। इस दौरान दिमाग की याद रखने की क्षमता भी कमजोर पड़ने लगती है।
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