मार्च के आखिर में मौसम एक बार फिर बदलने को तैयार है। मौसम विभाग के अनुसार, नए पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर-पश्चिम भारत में दिखने लगा है। इसके कारण कई इलाकों में बादल सक्रिय हो रहे हैं। इसलिए दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बढ़ गई है। इस बार मार्च का महीना काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। शुरुआत में तेज गर्मी पड़ी, लेकिन बाद में बारिश और ओलों ने मौसम बदल दिया। अब महीने के अंत में फिर से मौसम करवट ले रहा है। ऐसे में लोगों को एक बार फिर मौसम में बदलाव का अनुभव होगा और दिनचर्या पर भी इसका असर पड़ सकता है।
इसके अलावा, दक्षिण से लेकर पूर्वोत्तर तक बादलों का असर बढ़ रहा है। अगले चार दिनों में दिल्ली-यूपी समेत पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों में बदलाव दिखेगा। यहां आंधी के साथ बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी संभव है। इससे तापमान में गिरावट आएगी। साथ ही मौसम सुहावना बना रह सकता है। इसके कारण लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत मिलेगी। हालांकि, बार-बार बदलते मौसम के कारण असहजता भी महसूस हो सकती है और स्वास्थ्य पर हल्का असर पड़ने की संभावना रहती है।
उत्तर भारत में बदलाव, दिल्ली-यूपी प्रभावित
दरअसल, उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके कारण मौसम में बड़ा बदलाव दिख सकता है। अगले 48 घंटों में तापमान गिरने की संभावना है। अधिकतम तापमान 2 से 4 डिग्री तक कम हो सकता है। इसलिए लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। अनुमान है कि अधिकतम तापमान 30-32 डिग्री के बीच रहेगा। वहीं, न्यूनतम तापमान करीब 17 डिग्री तक गिर सकता है। इससे मौसम पहले की तुलना में ठंडा महसूस होगा और दिन का तापमान भी संतुलित रहेगा।
वहीं, दिन और रात के तापमान में अंतर भी रहेगा। दिन में हल्की गर्मी महसूस हो सकती है। लेकिन सुबह और शाम का मौसम ठंडा रहेगा। इस कारण लोगों को बदलाव साफ महसूस होगा। साथ ही स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को इस बदलते मौसम में ध्यान रखने की जरूरत होगी, क्योंकि तापमान में उतार-चढ़ाव से सर्दी-जुकाम जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
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पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी, अप्रैल में राहत के आसार
दूसरी ओर, पहाड़ी इलाकों में भी मौसम बदलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, कश्मीर से हिमाचल तक बारिश हो सकती है। इसके साथ कुछ जगहों पर बर्फबारी भी संभव है। 30 मार्च को उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के लिए अलर्ट जारी किया गया है। कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, कुछ जगहों पर ओले गिरने की आशंका भी है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है और स्थानीय जीवन पर भी इसका असर पड़ सकता है।
हालांकि, बार-बार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ असर डाल रहे हैं। इसलिए अप्रैल में तापमान सामान्य से कम रह सकता है। यह 2-3 डिग्री तक कम रहने की उम्मीद है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। लेकिन 20 अप्रैल के बाद तापमान बढ़ सकता है। इसके अलावा, बेमौसम बारिश किसानों के लिए चिंता बढ़ा सकती है। इससे फसलों को नुकसान हो सकता है और कृषि कार्यों पर भी असर पड़ने की आशंका है।
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