March 6, 2026

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Cloud burst in Kullu

कुल्लू और धर्मशाला में बादल फटने से दो की मौत, 11 लापता; 2000 से ज्यादा पर्यटक फंसे

हिमाचल प्रदेश में बुधवार को भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने तबाही मचा दी। कुल्लू जिले की सैंज घाटी के जीवानाला, गड़सा के शिलागढ़, मनाली के स्नो गैलरी और बंजार के होरनगाड़ में बादल फटने के बाद भयानक बाढ़ आई। वहीं, धर्मशाला के खनियारा क्षेत्र की मनूणी खड्ड में भी बादल फटने से व्यापक नुकसान हुआ। कुल्लू में बाढ़ के कारण आठ वाहन, दस पुलिया और एक बिजली परियोजना बह गए। सैंज के रैला बिहाल इलाके में तीन लोगों के बह जाने की भी सूचना मिली है।

खनियारा (धर्मशाला) में निर्माणाधीन हाइड्रो प्रोजेक्ट में कार्यरत 10 से अधिक मजदूरों के बहने की आशंका जताई गई है। घटनास्थल से अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं, और एसडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।

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भारी बारिश से कुल्लू में 2,000 पर्यटक फंसे, कई सड़कें बंद और ट्रांसफार्मर ठप

कुल्लू जिले के शैंशर, शांघड़ और सुचैहन पंचायत क्षेत्रों में करीब 2,000 पर्यटक अपने 150 से अधिक वाहनों सहित फंस गए हैं। सिउंड के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है। लाहौल जिले में भी 25 पर्यटक अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं।

प्रदेशभर में बारिश से कुल्लू, मंडी और कांगड़ा के जनजीवन पर भारी असर पड़ा है। एनएच-305 औट-बजार-सैंज मार्ग समेत 171 सड़कें बंद पड़ी हैं और 550 से अधिक ट्रांसफार्मर ठप हो चुके हैं। गगल हवाई अड्डे से चार विमान उतरे, मगर दिल्ली व शिमला की दो उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। शिमला और कुल्लू से कोई उड़ान नहीं हो सकी।

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बादल फटने से बंजार-बठाहर सड़क पर पुल और वाहन बहा

होरनगाड़ में बादल फटने से बंजार-बठाहर सड़क पर एक छोटा पुल और एक वाहन बह गया। स्थानीय सरकारी प्राथमिक विद्यालय में मलबा घुस गया, जिसे स्थानीय लोगों ने बच्चों को रेस्क्यू कर संभाला। गड़सा घाटी के विभिन्न नालों में दस से अधिक पैदल पुल और पुलियां बह गई हैं। मणिकर्ण, जिभी और कोटलाधार जैसे पर्यटन क्षेत्रों में भी बाढ़ के कारण क्षति पहुंची है।

सैंज के जीवानाला में एक मेगावाट का बिजली प्रोजेक्ट, और सिउंड में एक अस्थायी दुकान बह चुकी है। यहां चार मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और एक जीप भी बह गई। नालों में बहकर आई भारी लकड़ियों की मात्रा से भी सड़कों और जलधाराओं को नुकसान हुआ है।

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प्रशासन ने तुरंत हरकत में आकर राहत और बचाव कार्यों के लिए टीमें भेजी हैं। कुल्लू के एडीसी अश्वनी कुमार ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम मौके पर है। कांगड़ा के डीसी हेमराज बैरवा ने कहा कि खड्ड में जलस्तर बहुत बढ़ा है, लेकिन बादल फटने की तकनीकी पुष्टि की प्रतीक्षा है। एसडीएम और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर मौजूद हैं।

इधर, मौसम विभाग शिमला ने आगामी 2 जुलाई तक भारी बारिश की आशंका जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में बाढ़ की चेतावनी दी गई है। 26 और 27 जून को बारिश की तीव्रता और बढ़ने की संभावना है।

सैंज घाटी के एनएचपीसी पावर हाउस सिउंड में पुलिस गार्द की चौकी में भारी नुकसान हुआ है। तीसरी बटालियन पंडोह के जवानों के हथियार और कपड़े बह गए। एक जवान घायल हुआ है, जिसे कुल्लू अस्पताल में भर्ती किया गया है।