हरियाणा में लगातार बारिश और नदियों के उफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हिसार-चंडीगढ़ एनएच-52 और दिल्ली-हिसार एनएच-9 पानी में डूब गए। अंबाला-रुड़की एनएच-344 पर पानी बहने से एक साइड बंद करनी पड़ी। कई हाईवे पर वाहन रेंग-रेंगकर चल रहे हैं। कुछ जगहों पर यातायात डायवर्ट करना पड़ा। खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदियां अब शहरों तक पहुंच चुकी हैं। अंबाला में पानी इंडस्ट्रियल एरिया तक आ गया, जहां एसडीआरएफ ने 300 लोगों को सुरक्षित निकाला।
Also Read : मराठा आंदोलन: कोर्ट के आदेश और पुलिस संयम से भूख हड़ताल खत्म, प्रदर्शन थमा
हरियाणा के गांव और स्कूल प्रभावित
हरियाणा के अंबाला में घग्गर, टांगरी और मारकंडा नदियों के खतरे के निशान पार करने से 146 गांव जलमग्न हो गए। हिसार के 28 गांवों के बाहरी हिस्सों, भिवानी के 15, चरखी दादरी के 30, फरीदाबाद के 27 और कुरुक्षेत्र के 20 गांवों में पानी भर गया है। पानीपत की छह कॉलोनियों और करनाल के यमुना तटवर्ती गांवों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। स्थिति को देखते हुए हिसार, सिरसा और फतेहाबाद के कई क्षेत्रों में छह सितंबर तक स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जबकि कुरुक्षेत्र, करनाल और पानीपत के प्रभावित गांवों के विद्यालय अग्रिम आदेश तक बंद रहेंगे। अंबाला के जिन स्कूलों में पानी भर गया है, वहां भी पढ़ाई पूरी तरह ठप हो चुकी है।
लगातार बारिश और जलभराव ने गुरुवार को पांच लोगों की जान ले ली, जबकि एक व्यक्ति बह गया। बहादुरगढ़ में करंट से बच्ची मरी, अंबाला में युवक बिजली के तार से झुलस गया। फरीदाबाद में एक किशोर नाले में गिर गया और सोनीपत में युवक नहर में डूबा। हिसार में बचाव कार्य के दौरान मजदूर की मौत हो गई। इस बीच कई ड्रेन और तटबंध टूट गए। हिसार, फतेहाबाद और सिरसा में नदियों ने तटबंधों में दरार डाल दी है। सिरसा में घग्गर का बहाव 21,000 क्यूसेक पहुंच गया, जो खतरे के निशान से ऊपर है।


More Stories
पीएम मोदी ने एकतानगर को दी Rs 400 करोड़ की सौगात, कई पर्यटन परियोजनाओं का किया उद्घाटन
Missing Indian-Origin Woman Found Dead in California Canal After Two Months
Maharashtra Suspends Four FDA Officials Over Lapses in Hookah Tobacco Regulation