सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन दिन चढ़ने के साथ निवेशकों की बिकवाली बढ़ती गई। कारोबार के दौरान सेंसेक्स अपने उच्च स्तर से करीब 500 अंक तक फिसल गया। अंत में बीएसई सेंसेक्स 372.10 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,728.37 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 109.75 अंक यानी 0.46 प्रतिशत टूटकर 23,946.25 के स्तर पर आ गया। इस तरह निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बंद हुआ और बाजार में कमजोरी का माहौल बना रहा।
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ऑटो और बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली
बाजार में गिरावट का असर अधिकांश शेयरों पर दिखाई दिया। कारोबार के अंत में लगभग 2,472 शेयर लाल निशान में बंद हुए, जबकि केवल 1,681 शेयरों में बढ़त दर्ज हुई। निवेशकों ने कई प्रमुख सेक्टरों में मुनाफावसूली की, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया। दिनभर उतार-चढ़ाव बना रहा, लेकिन अंतिम घंटों में बिकवाली तेज होने से प्रमुख सूचकांक निचले स्तर पर बंद हुए। इससे निवेशकों का रुख भी सतर्क नजर आया।
सोमवार को ऑटो और बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। कमजोर मांग की आशंका और मुनाफावसूली के कारण निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत तक गिर गया। महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो और आयशर मोटर्स के शेयरों में 1 से 2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज हुई। बैंकिंग शेयरों में भी बिकवाली का दबाव बना रहा और कोटक महिंद्रा बैंक समेत कई बड़े बैंकों के शेयर कमजोर बंद हुए। इन सेक्टरों ने बाजार की गिरावट को और बढ़ा दिया।
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फार्मा सेक्टर ने दिखाई मजबूती
आईटी सेक्टर भी दबाव में रहा और प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। टीसीएस और इंफोसिस के शेयर करीब 1 प्रतिशत तक फिसल गए। वहीं, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयरों में लगभग 10 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई, जिससे पूरे आईटी सेक्टर पर असर पड़ा। दूसरी ओर, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया। डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज के शेयर 4 प्रतिशत से अधिक चढ़े, जबकि सिप्ला, सन फार्मा, मैक्स हेल्थकेयर, अपोलो हॉस्पिटल्स, टोरेंट फार्मा और ग्लेनमार्क फार्मा के शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दिनों की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। ऑटो और आईटी शेयरों में हुई बिकवाली ने पूरे बाजार पर दबाव बनाया। इसके अलावा कुछ कंपनियों के ऊंचे वैल्यूएशन और कारोबारी अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों को सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया। इसी वजह से बाजार में खरीदारी कमजोर रही और अधिकांश सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। हालांकि, फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों की मजबूती ने बाजार की गिरावट को कुछ हद तक संतुलित करने का प्रयास किया
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