सिवनी जिले के मढ़ी गांव में कथित रहस्यमयी बीमारी ने छात्राओं के बीच गहरा डर पैदा किया है। नतीजतन, अज्ञात भय के कारण विद्यालय की लगभग 146 छात्राओं ने अब स्कूल आना पूरी तरह बंद कर दिया। इसी बीच, पिछले पंद्रह दिनों से छात्राएं अचानक बीमार होकर स्कूल परिसर में जोर-जोर से चीखने-चिल्लाने लगती हैं। दुखद यह है कि शनिवार की घटना के बाद ग्रामीणों ने अंधविश्वास में पड़कर वहां झाड़-फूंक शुरू करवा दी। इसके बाद, स्थानीय प्रशासन ने स्थिति बिगड़ते देख शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम मढ़ी गांव भेजी। हालांकि, सरकारी टीम के पहुंचने पर भी कोई छात्रा डर के कारण स्कूल में पढ़ने नहीं आई। दूसरी ओर, कुछ ग्रामीण इस पूरी घटना को बुरी छाया या किसी रहस्यमयी साये का असर बता रहे। इसके विपरीत, जागरूक नागरिक इस मामले को केवल मानसिक भय और गहरे अंधविश्वास से जुड़ा मान रहे हैं।
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मेडिकल जांच में बीमारी के कोई लक्षण नहीं
अंततः, शिक्षा विभाग के अधिकारी अब अभिभावकों को समझाकर बच्चों को दोबारा स्कूल लाने का प्रयास कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सामूहिक हिस्टीरिया जैसी स्थितियों में अक्सर वैज्ञानिक समझ के बजाय लोग अंधविश्वास का सहारा लेते हैं। जब प्रभावित छात्राओं को लखनादौन अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों को कोई गंभीर बीमारी नहीं मिली। हैरानी की बात यह है कि इस रहस्यमयी स्थिति का असर केवल स्कूल की छात्राओं पर पड़ा है। इसके विपरीत, विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों के स्वास्थ्य में अब तक कोई असामान्य लक्षण नहीं मिले। इसी दौरान, जांच टीम ने स्कूल परिसर में साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी भी पाई। परिणामस्वरूप, शौचालय खराब होने के कारण सभी विद्यार्थी और शिक्षक अब भी खुले में शौच को मजबूर हैं। अतः, ग्रामीणों ने विकासखंड अधिकारियों के सामने स्कूल की इन पुरानी समस्याओं को गंभीरता से उठाया है।
वहीं, विकासखंड अधिकारी श्याम बदन बघेल ने बताया कि हीमोग्लोबिन की कमी से भी तबीयत खराब होती है। इसलिए, प्रशासन अब छात्राओं के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर उनकी आवश्यक जांच और उपचार सुनिश्चित करेगा। देखा जाए तो, यह पूरा मामला बीमारी से कहीं अधिक अंधविश्वास और अव्यवस्था से जुड़ा नजर आता है। अंततः, शिक्षा विभाग अब स्थिति सामान्य कर छात्राओं को दोबारा स्कूल से जोड़ने की योजना बना रहा है। निश्चित रूप से, काउंसलिंग और बेहतर सुविधाओं के जरिए ही बच्चों का मानसिक डर दूर किया जा सकेगा।


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