सैटेलाइट ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 को अंतरिक्ष में भेजा। 6,100 किलोग्राम वजन वाला यह सैटेलाइट भारत से अब तक लॉन्च किया गया सबसे भारी उपग्रह बन गया है। ISRO ने 43.5 मीटर ऊंचे और 640 टन वजनी रॉकेट को सुबह 8:55:30 बजे दूसरे लॉन्च पैड से उड़ान भरवाई। करीब 15 मिनट बाद रॉकेट ने सैटेलाइट को अलग किया और ISRO ने इसे 520 किलोमीटर ऊंचाई पर लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में सफलतापूर्वक स्थापित किया। अंतरिक्ष में अन्य सक्रिय उपग्रहों से टकराव की आशंका के चलते ISRO ने लॉन्च समय 90 सेकेंड आगे बढ़ाया।
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ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 से दुनिया में कहीं भी मिलेगी 4G-5G कनेक्टिविटी
ISRO चेयरमैन वी. नारायणन ने मिशन को देश की बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि LVM3 ने सैटेलाइट को तय ऑर्बिट में पूरी सटीकता से पहुंचाया। उन्होंने बताया कि यह LVM3 की नौवीं उड़ान और 52 दिनों में दूसरा सफल मिशन है, जिससे इसकी 100 प्रतिशत विश्वसनीयता साबित होती है। ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 एक अगली पीढ़ी का कम्युनिकेशन सैटेलाइट है, जो सीधे सामान्य स्मार्टफोन तक हाई-स्पीड सेल्युलर ब्रॉडबैंड उपलब्ध कराएगा। इसके जरिए दुनिया के किसी भी कोने से 4G-5G वॉयस कॉल, वीडियो कॉल, मैसेजिंग, स्ट्रीमिंग और डेटा सेवाएं संभव होंगी।
यह मिशन ISRO की कॉमर्शियल शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) और अमेरिका की AST स्पेसमोबाइल के बीच हुए व्यावसायिक समझौते के तहत पूरा हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सफलता पर ISRO को बधाई देते हुए कहा कि इस मिशन ने वैश्विक कॉमर्शियल लॉन्च बाजार में भारत की स्थिति और मजबूत की है|


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