ईरान में हिजाब विरोधी-प्रदर्शनों के बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी कोर्ट ने सरकार विरोधी एक प्रदर्शनकारी को मौत की सजा सुनाई है। न्यायपालिका की मिजान ऑनलाइन वेबसाइट ने बताया कि महसा अमिनी की मौत के बाद राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के बीच ईरान ने रविवार को पहली मौत की सजा सुनाई है।
हिजाब विरोधी दंगों में शामिल शख्स को सुनाई सजा
रिपोर्ट में बताया गया है कि आरोपी को एक सरकारी इमारत में आग लगाने, सार्वजनिक व्यवस्था को भंग करने, राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ अपराध करने की साजिश और ईरान के सबसे गंभीर कानून के तहत उसे मौत की सजा सुनाई गई है।
ईरान में थम नहीं रहा विरोध
बता दें कि ईरान की न्यायपालिका ने बासिज सुरक्षा बल के जवान की हत्या में 11 लोगों पर आरोप निर्धारित किए हैं। इन लोगों पर महसा अमीनी की सरकारी सुरक्षा बलों के हाथों मौत के बाद देश भर में बीते नौ सप्ताह से जारी आंदोलन में भाग लेने और अशांति फैलाने का आरोप है। यह जानकारी सरकार नियंत्रित समाचार एजेंसी इरना ने दी।
11 के खिलाफ सुरक्षा जवान की हत्या का आरोप
इरना ने बताया कि दोषी ठहराए गए लोगों में 10 में पुरुष और एक महिला है। इनके खिलाफ यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो उन्हें मृत्युदंड तक दिया जा सकता है। उल्लेखनीय है महसा अमीनी को हिजाब न पहनने के आरोप में धार्मिक नियमों का पालन कराने वाली पुलिस ने हिरासत में लिया था। हिरासत में पिटाई से उसकी मौत हो गई थी। उसके बाद ईरान में उग्र आंदोलन छिड़ गया है।


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