तमिलनाडु में BJP की रणनीति अब आक्रामक राजनीति से हटकर गठबंधन आधारित और गणितीय दृष्टिकोण पर केंद्रित हो गई है। पार्टी ने के. अन्नामलाई की भूमिका को सीमित किया है, सहयोगी AIADMK को अधिक जगह दी है और अभिनेता विजय की पार्टी TVK को वोट विभाजन का अवसर बनने दिया है। इस बदलाव का उद्देश्य तुरंत बड़ा राजनीतिक लाभ नहीं, बल्कि लंबे समय में मजबूत स्थिति बनाना है, खासकर ऐसे राज्य में जहां BJP का वोट शेयर लगातार सीमित रहा है।
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गठबंधन और वोट गणित पर आधारित BJP कि रणनीति
BJP अब व्यक्तिकेंद्रित राजनीति से दूरी बनाकर गठबंधन की मजबूती पर ध्यान दे रही है। पार्टी AIADMK के साथ जूनियर पार्टनर की तरह काम कर रही है और कोयंबटूर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सीटों का संतुलित बंटवारा कर रही है। वह मानती है कि छोटे वोट अंतर भी चुनावी नतीजों को बदल सकते हैं, इसलिए वह उम्मीदवार चयन, वोट ट्रांसफर और संगठनात्मक संतुलन को प्राथमिकता दे रही है। नेतृत्व को कई चेहरों में बांटकर पार्टी एक व्यापक नेटवर्क आधारित अभियान चला रही है।
वहीं, TVK के उभार को BJP रणनीतिक अवसर के रूप में देख रही है। विजय की पार्टी शहरी क्षेत्रों में DMK के वोट बैंक को प्रभावित कर रही है, लेकिन ग्रामीण और वृद्ध मतदाता अभी भी DMK और AIADMK के साथ जुड़े हुए हैं। BJP इस विभाजन का लाभ उठाते हुए सीधे टकराव से बच रही है और चुनावी माहौल को स्वाभाविक रूप से त्रिकोणीय बनने दे रही है, जिससे विपक्षी वोट बंटने की संभावना बढ़ जाती है।
कुल मिलाकर BJP 2026 के तमिलनाडु चुनाव को बेहद करीबी मुकाबले के रूप में देख रही है, जहां 4–7 प्रतिशत का मामूली बदलाव भी परिणाम बदल सकता है। पार्टी गठबंधन अनुशासन बनाए रखती है, नेतृत्व को कम आक्रामक रखती है और सहयोगियों को अधिक जगह देती है। इस तरह वह DMK, AIADMK और TVK के बीच बंटे वोटों का लाभ उठाकर अपनी राजनीतिक स्थिति धीरे-धीरे मजबूत करने की कोशिश कर रही है।


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