UIDAI ने 28 जनवरी 2026 को नया Aadhaar App लॉन्च कर दिया है, जो फिजिकल आधार कार्ड की जरूरत को खत्म करता है और डिजिटल पहचान को और मजबूत बनाता है। यह ऐप Face Authentication, QR verification और एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स के साथ आता है, जिससे आधार से जुड़े काम पहले से ज्यादा आसान और सुरक्षित हो गए हैं।
नए Aadhaar App के लॉन्च के साथ आधार कार्ड धारकों को बड़ी राहत मिली है। UIDAI ने पुराने mAadhaar ऐप की जगह इस नए प्लेटफॉर्म को पेश किया है, जो ज्यादा सुविधाजनक और यूजर-फ्रेंडली है। अब यूजर्स अपने मोबाइल फोन में पूरा डिजिटल Aadhaar ID सुरक्षित रूप से रख सकते हैं।
अब फिजिकल आधार की जरूरत खत्म
इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब फिजिकल आधार कार्ड, फोटो कॉपी या PVC कार्ड साथ रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बैंक, होटल, एयरपोर्ट या सरकारी दफ्तर में पहचान दिखाने के लिए यूजर्स सीधे मोबाइल से डिजिटल Aadhaar दिखा सकते हैं, जिससे आधार के खोने या गलत इस्तेमाल का खतरा कम होगा।
नया Aadhaar App Face Authentication को सपोर्ट करता है, जिससे पहचान सत्यापन के लिए OTP पर निर्भरता खत्म हो जाती है। यूजर्स अब अपने चेहरे के जरिए आसानी से वेरिफिकेशन कर सकते हैं। यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है, जिन्हें OTP प्राप्त करने में परेशानी होती है।
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ऐप में QR कोड आधारित वेरिफिकेशन फीचर भी दिया गया है। अब किसी को आधार की फोटो कॉपी देने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि सामने वाला व्यक्ति सिर्फ QR कोड स्कैन करके पहचान की पुष्टि कर सकता है। इससे डेटा से छेड़छाड़ और फर्जीवाड़े की संभावना काफी हद तक खत्म हो जाती है।
एक ऐप में पूरे परिवार का Aadhaar
UIDAI ने इस ऐप में Multi-Profile सपोर्ट भी जोड़ा है। इसके जरिए यूजर्स एक ही ऐप में परिवार के कई सदस्यों का आधार सुरक्षित रख सकते हैं। माता-पिता, बच्चों और बुजुर्गों के आधार को मैनेज करना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है।
नए Aadhaar App की एक अहम सुविधा यह भी है कि यूजर्स अब घर बैठे आधार की जरूरी डिटेल्स अपडेट कर सकते हैं। मोबाइल नंबर और पता जैसे बदलाव के लिए अब Enrollment Center जाने या लंबी लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
QR वेरिफिकेशन, फेस ऑथेंटिकेशन और सिलेक्टिव डेटा शेयरिंग जैसे फीचर्स के साथ नया Aadhaar App सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि एक मजबूत सुरक्षा कवच भी बन गया है। इससे फर्जी आधार के इस्तेमाल पर रोक लगेगी और पहचान चोरी के मामलों में भी कमी आने की उम्मीद है।
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