टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और चीन के बाद अब भारत भी जल्द अपना AI मॉडल लॉन्च करने जा रहा है। आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज इसकी घोषणा की। भारत का स्वदेशी जेनरेटिव एआई मॉडल अगले 10 महीनों में उपलब्ध हो सकता है, जो ChatGPT, Gemini और DeepSeek जैसे प्रमुख एआई मॉडल्स को चुनौती देगा। उन्होंने यह भी बताया कि इसके लिए सरकार ने 10 कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया है।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि स्वदेशी एआई मिशन को पूरा करने के लिए मौजूदा समय में सरकारी कम्प्यूटिंग फैसेलिटी में 18,693 ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) उपलब्ध हैं।
भारत ने अपने स्वदेशी एआई मिशन के लिए रिलायंस जियो, टाटा कॉम्युनिकेशन, ओरिएंट टेक, योट्टा कॉम जैसी कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया है। इसके अलावा, सरकार ने अन्य कंपनियों से भी फाउंडेशनल मॉडल के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। साथ ही, व्यक्तिगत डेवलपर्स से भी आवेदन मांगे गए हैं।
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प्राइवेसी को लेकर सरकार चिंतित
डीपसीक एआई की बढ़ती लोकप्रियता और यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर उठाए गए सवालों के जवाब में अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार जल्द ही डीपसीक को भारत में सर्वर स्थापित करने के लिए कहेगी, ताकि यूजर्स की प्राइवेसी और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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क्या है India AI Mission
भारत अपने India AI Mission के तहत एआई का उपयोग केवल टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि इसे हेल्थ, एजुकेशन, कृषि और अन्य क्षेत्रों में भी लागू करेगा। सरकार ने पिछले साल India AI Mission को मंजूरी दी थी और इसके लिए 10 हजार करोड़ रुपये की राशि एआई कंप्यूटिंग इकोसिस्टम के लिए जारी की है। साथ ही, सरकार एआई से संबंधित स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा दे रही है।
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