भारत जल्द ही अंतरिक्ष में अपना पहला ऑर्बिटल डेटा सेंटर स्थापित करने की तैयारी में है, जिसे पृथ्वी की कक्षा में तैनात किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए स्पेस टेक स्टार्टअप Pixxel और AI कंपनी Sarvam AI ने हाथ मिलाया है। खास बात यह है कि यह पहल पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित होगी, जो भारत को AI क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम साबित हो सकती है। साथ ही, यह प्रोजेक्ट न सिर्फ तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि रणनीतिक रूप से भी भारत की स्थिति को मजबूत करेगा। “द पाथफाइंडर” नाम का यह लगभग 200 किलोग्राम का सैटेलाइट इस साल के अंत तक लॉन्च किए जाने की योजना है।
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ऑर्बिटल पाथफाइंडर: खासियतें
दरअसल, ‘द पाथफाइंडर’ पारंपरिक सैटेलाइट्स से काफी अलग और उन्नत होगा, क्योंकि इसमें वही शक्तिशाली GPU तकनीक इस्तेमाल की जाएगी, जो आधुनिक ग्राउंड-बेस्ड डेटा सेंटर्स में उपयोग होती है। इसके माध्यम से AI मॉडल्स को सीधे अंतरिक्ष में ही ट्रेन और रन किया जा सकेगा, जिससे डेटा प्रोसेसिंग की क्षमता और गति दोनों में सुधार होगा।
इसके अलावा, इस सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह ऊर्जा की समस्या से काफी हद तक मुक्त रहेगा। जहां जमीन पर डेटा सेंटर्स भारी बिजली खपत के कारण चुनौती बनते जा रहे हैं, वहीं अंतरिक्ष में उपलब्ध भरपूर सौर ऊर्जा इस ऑर्बिटल डेटा सेंटर को लगातार और प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद करेगी। यही कारण है कि भविष्य में AI ट्रेनिंग के लिए स्पेस एक व्यवहारिक विकल्प बनता जा रहा है।
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AI आत्मनिर्भरता और चुनौतियां
दूसरी ओर, इस साझेदारी के तहत Pixxel सैटेलाइट के डिजाइन, निर्माण और लॉन्च की पूरी जिम्मेदारी निभाएगा, जिसे उनकी Gigapixxel सुविधा में तैयार किया जाएगा। वहीं Sarvam AI अंतरिक्ष में अपने एडवांस्ड भाषा मॉडल्स की ट्रेनिंग और इन्फरेंसिंग का कार्य संभालेगा। इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य “Sovereign AI” को बढ़ावा देना है, जिससे भारत अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए विदेशी क्लाउड सेवाओं पर निर्भरता कम कर सके और अपनी तकनीकी संप्रभुता को मजबूत कर सके।
हालांकि, इस महत्वाकांक्षी मिशन के सामने कई चुनौतियां भी मौजूद हैं। अंतरिक्ष में डेटा सेंटर बनाना और संचालित करना अत्यधिक खर्चीला है, वहीं हार्डवेयर में खराबी आने पर उसे ठीक करना या बदलना एक जटिल प्रक्रिया हो सकती है। इसके बावजूद, दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियां इस दिशा में तेजी से काम कर रही हैं। ऐसे में Pixxel और Sarvam AI की यह पहल भारत को वैश्विक AI और स्पेस टेक्नोलॉजी रेस में एक मजबूत और अग्रणी खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखती है।


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