टेक सेक्टर में लगातार बढ़ रही छंटनी के बीच ओरेकल ने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है, जिसके बाद सेवरेंस पैकेज को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। कंपनी के इस फैसले ने कर्मचारियों के बीच असुरक्षा और नाराज़गी दोनों को बढ़ाया है, खासकर इसलिए क्योंकि कई लोगों को अचानक एक ईमेल के जरिए ही सूचित किया गया कि उनकी पोजिशन खत्म कर दी गई है और वही दिन उनका आखिरी वर्किंग डे होगा।
न तो पहले कोई चेतावनी दी गई और न ही किसी तरह की मीटिंग की गई, जिससे इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, इन सबके बीच सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इतनी बड़ी छंटनी के बावजूद कंपनी के शेयरों में 5–6% तक की तेजी दर्ज की गई, जो निवेशकों के अलग नजरिए को दर्शाती है।
सेवरेंस पैकेज को लेकर बढ़ती बहस
इस घटनाक्रम के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या ओरेकल अपने कर्मचारियों को पर्याप्त सेवरेंस पैकेज दे रहा है या नहीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका में निकाले गए कर्मचारियों को 4 हफ्तों की बेस सैलरी के साथ हर अतिरिक्त साल की नौकरी पर 1 हफ्ते का अतिरिक्त मुआवजा दिया जा रहा है, जो अधिकतम 26 हफ्तों तक सीमित है।
हालांकि, जब इसकी तुलना अन्य बड़ी टेक कंपनियों से की जाती है, तो यह पैकेज अपेक्षाकृत कम माना जा रहा है। उदाहरण के तौर पर, कुछ कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को ज्यादा हफ्तों की सैलरी, लंबी अवधि का हेल्थ इंश्योरेंस और अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी है। इसी वजह से कर्मचारियों और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या कंपनियों को छंटनी के समय ज्यादा जिम्मेदारी दिखानी चाहिए और बेहतर सपोर्ट देना चाहिए।
Also Read : मिडिल ईस्ट युद्ध: LPG, पेट्रोल-ATF महंगे
ओरेकल छंटनी: वजह और शेयर उछाल
वहीं दूसरी ओर, रिपोर्ट्स से यह भी सामने आया है कि ओरेकल अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े स्तर पर निवेश करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी रणनीति के तहत कंपनी अपने खर्चों को कम करते हुए संसाधनों को नई और उभरती तकनीकों की ओर शिफ्ट कर रही है।
यही वजह है कि निवेशकों ने इस कदम को लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के संकेत के रूप में देखा और कंपनी के शेयरों में उछाल दर्ज की गई। 1 अप्रैल 2026 को ओरेकल का शेयर लगभग 5.99% बढ़कर 147.11 अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया। यह स्थिति साफ तौर पर दिखाती है कि जहां एक तरफ कर्मचारियों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है, वहीं दूसरी तरफ बाजार इसे कंपनी के भविष्य के लिए एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देख रहा है।
Also Read : किडनी रैकेट का काला सच: अस्पताल और दलालों का बड़ा नेटवर्क उजागर


More Stories
Fuel Price Update: New Petrol, Diesel and CNG Rates Released
Operation Amistad: India Rushes Humanitarian Aid to Earthquake-Stricken Venezuela
विश्वास नांगरे पाटिल के आरएसएस कार्यक्रम पर कांग्रेस का हमला