संयुक्त राष्ट्र की “प्रौद्योगिकी और नवाचार रिपोर्ट 2025” के अनुसार, ब्राजील, चीन, भारत और फिलीपींस ने नई तकनीक अपनाने में शानदार प्रदर्शन किया है. रिपोर्ट में विकासशील देशों को तेजी से बदलती तकनीकों और एआई के लिए तैयार रहने पर जोर दिया गया है. भारत 170 देशों की रैंकिंग में 36वें स्थान पर है, और इसकी स्थिति पहले से बेहतर हुई है.
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वैश्विक तकनीकी विकास और एआई में भारत की प्रगति
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने नई तकनीकी तत्परता में प्रगति करते हुए 2022 में 48वें स्थान से इस बार 36वें स्थान पर पहुंचा है. रैंकिंग में आईसीटी, कौशल, अनुसंधान, औद्योगिक क्षमता और वित्त तक पहुंच जैसे कारकों को शामिल किया गया है. भारत अनुसंधान में तीसरे और औद्योगिक क्षमता में 10वें स्थान पर है, लेकिन आईसीटी (99वां) और कौशल (113वां) में सुधार की जरूरत है. रिपोर्ट में ब्राजील, चीन, भारत, फिलीपींस तत्पर, सिंगापुर, चीन, भारत शीर्ष पर.
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संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका, चीन, भारत, जर्मनी और ब्रिटेन ने एआई में वैज्ञानिक बढ़त दिखाई है. 2023 में अमेरिका ने 67, चीन ने 7.8, और भारत ने 1.4 अरब डॉलर निवेश किया. 2033 तक एआई बाजार 4.8 खरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जिसमें अमेरिका और चीन का दबदबा है। एआई से 40% नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं, लेकिन यह नए उद्योगों को जन्म देगा. भारत में 1.3 करोड़ और ब्राजील में 40 लाख डेवलेपर्स का मजबूत टैलेंट पूल है.
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