March 7, 2026

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इलेक्ट्रॉनिक्स

भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग 2030 तक 8 लाख करोड़ के शिखर पर

भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) उद्योग तेजी से बढ़ रहा है, खासकर डिजाइन, इंजीनियरिंग और उत्पादन के क्षेत्रों में। अगले पांच सालों में यह हर साल लगभग 20 से 25% की दर से बढ़ेगा और 2030 तक इसका आकार 7 से 8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025 तक स्मार्टफोन की बढ़ती मांग इस उद्योग की तेजी को और बढ़ाएगी।

रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्टफोन बाजार 2 लाख करोड़ का है और 23-25% वार्षिक वृद्धि से 2030 तक ESDM बाजार 7-8 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। यह बढ़ोतरी घरेलू बाजार में मांग, सरकारी समर्थन और निर्यात के बढ़ते अवसरों के साथ-साथ वैश्विक और स्थानीय निर्माताओं की मजबूत भागीदारी से संभव होगी। किफायती स्मार्टफोन और सस्ते डेटा प्लान्स ने इंटरनेट को शहरों के साथ-साथ टियर 2 और 3 शहरों तक पहुंचा दिया है, जिससे इन क्षेत्रों में स्मार्टफोन और संबंधित उपकरणों की मांग तेजी से बढ़ी है।

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डिजिटल इंडिया और नीति समर्थन से इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को मजबूती

डिजिटल इंडिया और भारत नेट ने स्मार्टफोन व ब्रॉडबैंड की पहुंच बढ़ाई है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण की मांग तेज हुई है। जीएसटी कटौती से टीवी, एसी जैसे उपकरणों का बाजार बढ़ेगा। सरकार की प्रोत्साहन योजनाएं, वैश्विक आउटसोर्सिंग और एआई-आईओटी की मांग से उद्योग को तेजी मिली है। नीतिगत समर्थन और निर्यात से सेक्टर मजबूत होगा। भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और 2030 तक 7-8 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। स्मार्टफोन की बढ़ती मांग, सरकारी नीतिगत समर्थन, निर्यात वृद्धि, डिजिटल इंडिया और भारत नेट जैसी पहलें इस विकास को बढ़ावा दे रही हैं। एआई, आईओटी और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसी नई तकनीकों की मांग से उद्योग को और मजबूती मिली है। भारत अब वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र बन रहा है, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।

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