बजट 2025 में सरकार ने स्टार्टअप्स के लिए एक बड़ी पहल करते हुए ₹10,000 करोड़ रुपये के फंड के साथ एक नई फंड ऑफ फंड्स (FFS) योजना की घोषणा की है। यह योजना 2016 में शुरू की गई पहली FFS योजना की तर्ज पर तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य देश में नवाचार, तकनीकी प्रगति और उद्यमशीलता को बढ़ावा देना है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार, इस फंड का एक बड़ा हिस्सा नई पीढ़ी की तकनीकों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन निर्माण, और अन्य उभरती तकनीकी क्षेत्रों में कार्य कर रहे स्टार्टअप्स को सहायता प्रदान करने के लिए निर्धारित किया गया है। इन क्षेत्रों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और सरकार चाहती है कि भारत तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बने और वैश्विक स्तर पर नेतृत्व कर सके।
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2016 की योजना से मिली प्रेरणा, फिर से SIDBI को मिल सकती है जिम्मेदारी
इससे पहले 2016 में भी केंद्र सरकार ने स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए इसी तरह की एक योजना शुरू की थी। उस समय की योजना के अंतर्गत, भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) को फंड के प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई थी। SIDBI ने SEBI में पंजीकृत वैकल्पिक निवेश कोषों (AIFs) को पूंजी प्रदान की थी, जो फिर भारतीय स्टार्टअप्स में निवेश करते थे। उसी मॉडल को इस नई योजना में भी अपनाया जा सकता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि इस बार भी SIDBI को योजना का प्रबंधन सौंपा जा सकता है।
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स्टार्टअप इंडिया पहल से अब तक की प्रगति
सरकार की ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल, जिसकी शुरुआत 16 जनवरी 2016 को हुई थी, का उद्देश्य देश में एक मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करना और नवाचार को प्रोत्साहित करना रहा है। इस पहल के तहत सरकार द्वारा तय पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले स्टार्टअप्स को आधिकारिक मान्यता दी जाती है। अब तक 1.5 लाख से अधिक स्टार्टअप्स को 55 से अधिक सेक्टर्स में मान्यता मिल चुकी है। इन संस्थाओं को कर छूट, सरकारी टेंडर में प्राथमिकता, और अन्य कई सुविधाएं मिलती हैं।
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क्या मिलेगा इस योजना से स्टार्टअप्स को?
- पूंजी निवेश: नई योजना से स्टार्टअप्स को शुरुआती निवेश जुटाने में आसानी होगी।
- तकनीकी प्रोत्साहन: एआई, रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग, और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में नवाचार करने वाले उद्यमों को विशेष प्राथमिकता मिलेगी।
- सशक्त इकोसिस्टम: यह फंडिंग देश में स्टार्टअप्स के लिए एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम बनाएगी।
- नौकरी के अवसर: नए स्टार्टअप्स के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
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