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दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे AI कंटेंट के बीच Google ने अपनी खास तकनीक SynthID को बड़े स्तर पर विस्तार देने का ऐलान किया है। कंपनी का कहना है कि अब यूजर्स आसानी से पहचान सकेंगे कि कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो असली है या फिर उसे AI की मदद से तैयार या एडिट किया गया है। बढ़ती फेक तस्वीरों और वीडियो को देखते हुए Google इस तकनीक को इंटरनेट पर पारदर्शिता बनाए रखने का अहम जरिया मान रहा है। कंपनी ने जानकारी दी कि SynthID अब केवल Gemini ऐप तक सीमित नहीं रहेगा। Google जल्द ही इसे अपने Google Search प्लेटफॉर्म और Google Chrome ब्राउज़र में भी जोड़ने जा रही है।
पिचाई के मुताबिक OpenAI, Kakao,ElevenLabs जैसी कंपनियां अब SynthID स्टैंडर्ड को अपनाने के लिए तैयार हैं। वहीं Nvidia पहले ही इस पहल से जुड़ चुकी है। कंपनी चाहती है कि दूसरी AI कंपनियां भी इस स्टैंडर्ड को अपनाएं ताकि इंटरनेट पर AI कंटेंट की पहचान आसान हो सके। Google के अनुसार अब तक 100 अरब से ज्यादा फोटो, वीडियो और ऑडियो फाइलों पर SynthID वॉटरमार्क लगाया जा चुका है। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में AI कंटेंट की पहचान के लिए यह तकनीक इंडस्ट्री स्टैंडर्ड बन सकती है। बढ़ते AI टूल्स और डीपफेक कंटेंट के दौर में SynthID जैसी तकनीक यूजर्स को फर्जी और असली कंटेंट के बीच फर्क समझने में बड़ी मदद दे सकती है।
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AI तस्वीर से समझाया फेक कंटेंट का खतरा
कैलिफोर्निया में आयोजित कंपनी के सालाना I/O इवेंट के दौरान Google के CEO Sundar Pichai ने इस बड़े अपडेट की घोषणा की। उन्होंने कहा कि AI कंटेंट की तेजी से बढ़ती संख्या के बीच इंटरनेट पर भरोसा और पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी हो गया है। Google ने SynthID को पहली बार साल 2023 में पेश किया था। यह एक तरह का इनविज़िबल वॉटरमार्क है, जिसे AI से तैयार या AI टूल्स की मदद से एडिट किए गए कंटेंट में छिपाया जाता है। सामान्य यूजर्स इसे अपनी आंखों से नहीं देख सकते, लेकिन सिस्टम इसकी मदद से आसानी से पहचान सकता है कि कोई इमेज, वीडियो या ऑडियो AI जनरेटेड है या नहीं। कंपनी का कहना है कि इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य AI युग में फर्जी कंटेंट की पहचान को आसान बनाना है।
इवेंट के दौरान सुंदर पिचाई ने AI से बनी एक वायरल तस्वीर दिखाकर इस तकनीक की जरूरत को समझाया। उस तस्वीर में पिचाई के साथ Elon Musk, Jensen Huang और Sam Altman मैकडॉनल्ड्स खाते हुए नजर आ रहे थे। पिचाई ने मजाकिया अंदाज में कहा कि तस्वीर पूरी तरह नकली है क्योंकि वह हैमबर्गर नहीं खाते। हालांकि उन्होंने माना कि आम लोगों के लिए AI और असली तस्वीर में फर्क समझना हमेशा आसान नहीं होता, इसलिए SynthID जैसे टूल भविष्य में बेहद अहम भूमिका निभाएंगे। Google ने यह भी साफ किया कि केवल एक कंपनी के स्तर पर इस तकनीक का इस्तेमाल काफी नहीं होगा।
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