महाराष्ट्र के दो प्रमुख औद्योगिक शहरों, नागपुर और मुंबई को जोड़ने वाला समृद्धि एक्सप्रेसवे अब पूरी तरह से जनता के लिए खोल दिया गया है. इस एक्सप्रेसवे पर एक विशेष सुरंग (टनल) बनाई गई है, जिसे पहली ‘स्मार्ट टनल’ कहा जा रहा है. इसकी विशेषताएं ही इसे अन्य सुरंगों से अलग और खास बनाती हैं.
समृद्धि एक्सप्रेसवे को मिली नई रफ्तार: देश की पहली स्मार्ट और सबसे लंबी रोड टनल का उद्घाटन
देश को आज एक और एक्सप्रेसवे की सौगात मिल गई, जब नागपुर से मुंबई तक बने समृद्धि एक्सप्रेसवे का आखिरी हिस्सा भी जनता के लिए खोल दिया गया. 701 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का आखिरी हिस्सा 76 किलोमीटर लंबा है, जिस पर देश की चौथी सबसे लंबी टनल भी बनाई गई है. यह देश की पहली स्मार्ट टनल भी है, जो पहाड़ों का सीना चीरकर बनाई गई है. नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे जिसे समृद्धि एक्सप्रेसवे के नाम भी जाना जाता है, इसका निर्माण साल 2016 में शुरू किया गया था. एक्सप्रेसवे के बाकी हिस्से का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि नासिक के इगतपुरी से थाणे जिले के अमाने तक बने 76 किलोमीटर के स्ट्रेच रोड का निर्माण भी अब पूरा हो चुका है और इसे 5 जून से आधिकारिक तौर पर ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा.
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कसारा घाट टनल की विशेषताएं और निर्माण विवरण
कसारा घाट टनल को बनाने में करीब 23,000 टन सीमेंट का इस्तेमाल किया गया है और 400 टन स्टील की खपत हुई है. इस टनल को पार करने में महज 7 मिनट का समय लगेगा, जिससे यात्रियों का काफी समय भी बच जाएगा. टनल को दो अलग-अलग वायाडक्ट के जरिये बनाया गया है, जिसमें एक वायाडक्ट की ऊंचाई 9.10 मीटर तो दूसरे की 12.95 मीटर है. टनल के भीतर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की पूरी व्यवस्था है, इसके साथ ही मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट की सुविधा भी मिलेगी. इसके लिए टनल में लीकी केबल बिछाई गई है.
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