आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनियाभर में उत्साह लगातार बढ़ रहा है। शेयर बाजार, टेक कंपनियां और निवेशक AI को भविष्य की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति मान रहे हैं। कंपनियां नई AI तकनीकों में लगातार भारी निवेश कर रही हैं और विस्तार योजनाएं बना रही हैं। हालांकि, स्विट्जरलैंड स्थित Bank for International Settlements (BIS) ने इस बढ़ते उत्साह पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संस्था ने अपनी Annual Economic Report 2026 में वैश्विक अर्थव्यवस्था के कई उभरते जोखिमों का उल्लेख किया है। रिपोर्ट के अनुसार AI में तेज़ी से बढ़ता निवेश भविष्य में वित्तीय अस्थिरता का बड़ा कारण बन सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार महंगाई, ऊंची ब्याज दरें
BIS ने रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि AI तकनीक स्वयं कोई गंभीर समस्या पैदा नहीं करती। कई शोध बताते हैं कि AI कंपनियों की उत्पादकता बढ़ाता और समय की उल्लेखनीय बचत करता है। कई उद्योगों में कर्मचारियों की उत्पादकता बीस से पचास प्रतिशत तक बढ़ने के संकेत मिले हैं। संस्था की सबसे बड़ी चिंता निवेशकों की लगातार बढ़ती उम्मीदों और बाजार के उत्साह को लेकर है। रिपोर्ट बताती है कि AI को लेकर बाजार का उत्साह वास्तविक आर्थिक क्षमता से अधिक दिखाई देता है। यदि कंपनियां उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं तो बाजार में तेज गिरावट आ सकती है।
रिपोर्ट बताती है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था ने हाल के वर्षों में कई चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है। बढ़ते टैरिफ, पश्चिम एशिया तनाव और समुद्री व्यापार दबाव के बावजूद बाजार स्थिर बने रहे। वैश्विक वित्तीय बाजारों ने स्थिरता बनाए रखी और निवेश गतिविधियां लगातार जारी रखीं। BIS के अनुसार आसान वित्तीय परिस्थितियों और AI निवेश ने इस स्थिरता को मजबूत बनाया। हालांकि संस्था ने भविष्य में इन्हीं निवेशों से वित्तीय अस्थिरता बढ़ने की चेतावनी भी दी है। यदि निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा तो शेयर बाजारों में बड़े उतार-चढ़ाव देखने मिल सकते हैं।
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BIS का दावा, AI में जरूरत से ज्यादा निवेश
BIS ने बताया कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए टेक कंपनियां भारी कर्ज ले रही हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था में सरकारी तथा निजी कर्ज पहले से काफी बढ़ चुका है, जबकि ऊंची ब्याज दरें आर्थिक गतिविधियों पर अतिरिक्त दबाव डाल रही हैं। कंपनियां AI में लगातार बड़े निवेश कर रही हैं और इससे उत्पादकता तथा दक्षता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है, जिससे कई उद्योगों में कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी तेजी से बढ़ी है। इसके बावजूद BIS ने निवेशकों की बढ़ती उम्मीदों पर गंभीर चिंता जताई है क्योंकि बाजार में AI को लेकर बना अत्यधिक उत्साह वास्तविक आर्थिक क्षमता से अधिक दिखाई देता है। संस्था का मानना है कि यदि कंपनियों की कमाई उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही तो शेयर बाजार में तेज गिरावट आ सकती है।
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