AI से बायोलॉजिकल हथियार बनने का खतरा: अमोदेई की चेतावनी
Anthropic के CEO डारियो अमोदेई ने अपने एक लेख में गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने लिखा कि लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLMs) अब उस स्तर के करीब पहुंच रहे हैं, या शायद पहुंच चुके हैं, जहां वे बायोलॉजिकल हथियार बनाने और उन्हें फैलाने से जुड़ा पूरा ज्ञान दे सकते हैं। अमोदेई के अनुसार, इस तरह की क्षमता बेहद विनाशकारी साबित हो सकती है।
उन्होंने बताया कि LLMs उन्नत AI डीप लर्निंग एल्गोरिदम हैं। Anthropic, OpenAI, Google DeepMind और Meta के साथ मिलकर AI क्षेत्र की सबसे प्रभावशाली कंपनियों में गिनी जाती है।
Also Read: कुशवाहा का बड़ा कदम: नाराज़ MLA आलोक को प्रदेश अध्यक्ष पद
कम समय में असाधारण रफ्तार से आगे बढ़ा AI
अमोदेई ने कहा कि जब AI मॉडल को ज्यादा डेटा, अधिक कंप्यूटिंग पावर और लंबी ट्रेनिंग मिलती है, तो उनकी क्षमता अनुमान से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ती है। उनके मुताबिक, AI उतनी ही तेजी से नहीं बल्कि उससे भी तेज विकसित हो रहा है, जितना ज्यादातर लोगों ने सोचा था।
उन्होंने बताया कि सिर्फ तीन साल पहले AI को बेसिक गणित हल करने में दिक्कत होती थी। वह सही कोड की एक लाइन लिखने में भी संघर्ष करता था। आज वही AI ऐसे गणितीय सवाल सुलझा रहा है, जिन्हें इंसान अब तक हल नहीं कर पाया है। कई टॉप इंजीनियर अब अपना ज्यादातर काम AI को सौंप रहे हैं।
भावनाएं नहीं, लेकिन इंसानों जैसी सोच विकसित कर रहा AI
अमोदेई ने कहा कि AI को जब ट्रेन किया जाता है, तो वह बड़े पैमाने पर डेटा से पैटर्न सीखता है। वह सिर्फ तथ्य नहीं सीखता, बल्कि प्रतिक्रिया देने के तरीके और सोचने की शैली भी अपनाता है। हालांकि AI के पास भावनाएं नहीं होतीं, फिर भी वह ऐसे व्यवहार कर सकता है जो भावनात्मक प्रतिक्रियाओं जैसे दिखते हैं।
उन्होंने चेताया कि सत्ता की गलत लालसा ही इस सोच को जन्म देती है कि AI भविष्य में मानवता के लिए खतरा बन सकता है। अमोदेई के मुताबिक, अगर AI के विकास को सही दिशा और नियंत्रण नहीं मिला, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
Also Read: बम धमकी के बाद कुवैत से दिल्ली आ रहा इंडिगो विमान अहमदाबाद में उतरा


More Stories
ऑपरेशन सिंदूर का असर: 14 महीनों में ₹10 लाख करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी
Blocked Exit, People on Fire: Bangkok Club Blaze Horror
India’s Minerva Academy Thrashes Liverpool 6-0 in Spain, Creates History