भारत ने संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) से जुड़े चार प्रमुख निकायों के चुनाव में निर्विरोध जीत हासिल की है। इन सभी चुनावों में भारत को सर्वसम्मति से चुना गया, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की बढ़ती कूटनीतिक ताकत को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इस जीत ने भारत को वैश्विक मंच पर एक मजबूत और प्रभावशाली खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है।
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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, एनजीओ और समन्वय समितियों में भारत का प्रतिनिधित्व
इन चुनावों में भारत को विकास के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आयोग, गैर-सरकारी संगठनों की समिति और कार्यक्रम एवं समन्वय समिति में प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आयोग विकास और सतत भविष्य से जुड़े मुद्दों पर दिशा निर्धारित करता है, जबकि कार्यक्रम एवं समन्वय समिति संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों के कामकाज में समन्वय सुनिश्चित करती है। एनजीओ समिति सिविल सोसाइटी संगठनों की भागीदारी को तय करने में अहम भूमिका निभाती है।
साथ ही, भारत की वरिष्ठ राजनयिक प्रीति सरन को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों की समिति (CESCR) में फिर से चुना गया है। प्रीति सरन ने पहले इस समिति के सत्र की अध्यक्षता भी की है और उनके 36 वर्षों के कूटनीतिक अनुभव में वियतनाम में राजदूत और टोरंटो, जेनेवा, ढाका, काहिरा और मॉस्को में महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती शामिल है। CESCR 18 स्वतंत्र विशेषज्ञों से मिलकर बनती है और यह समिति भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सामाजिक सुरक्षा, पानी और स्वच्छता जैसे बुनियादी अधिकारों के पालन की निगरानी करती है।
ECOSOC संयुक्त राष्ट्र की वह केंद्रीय व्यवस्था है, जो आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय विकास को संतुलित रूप से आगे बढ़ाने पर केंद्रित है। भारत की यह सफलता उसके वैश्विक प्रभाव और सतत विकास के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका को दर्शाती है। इस जीत से यह स्पष्ट होता है कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर नीति निर्माण और सतत विकास के कार्यों में प्रमुख योगदान देने वाला एक विश्वसनीय साझेदार बन चुका है।
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