संजू सैमसन को वनडे वर्ल्ड कप के लिए घोषित भारतीय टीम में जगह नहीं मिली है। वनडे में बुरा प्रदर्शन करने के बाद भी टी20 के महान बैटर सूर्यकुमार यादव ने 15 सदस्यीय वर्ल्ड कप टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं।
सूर्यकुमार यादव की बल्लेबाजी को टीम इंडिया के पूर्व बैटिंग कोच संजय बांगड़ ने महत्वपूर्ण बताया है। बांग्ला ने कहा कि वनडे में रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे सूर्यकुमार को बीच के ओवरों में स्ट्राइक रोटेट करना सीखना चाहिए। Sunil अभी एशिया कप टीम में हैं। अभी तक उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला है। सूर्यकुमार को मिडिल ऑर्डर में केएल राहुल, श्रेयस अय्यर और ईशान किशन के रहते हुए भी शायद ही प्लेइंग-11 में जगह मिल सके।
Also Read: ‘जवान’ देखने के बाद दर्शकों का सामने आया पहला रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड टूटना तय
स्टार स्पोर्ट्स को संजय बांगड़ ने बताया कि सूर्यकुमार यादव ने पहले ही बताया है कि कोच राहुल द्रविड़ ने बल्लेबाजी को लेकर उनसे संपर्क किया है। वनडे क्रिकेट में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बीच के ओवरों में बाउंड्री लगाना मुश्किल हो जाता है क्योंकि गेंद पुरानी हो जाती है। उन्होने कहा कि सूर्यकुमार यादव एक टैलेंटेड खिलाड़ी हैं और वह बाउंड्री लगाने की कोशिश करेंगे। उन्हें पता है कि बाउंड्री कहां लगानी है। लेकिन उन्हें 25 से 40 ओवर के बीच कैसे बल्लेबाजी करनी चाहिए।

टी20 की तरह बल्लेबाजी कर सकते हैं
संजय बांगड़ ने कहा कि सूर्यकुमार यादव को दिल और दिमाग में स्पष्टता है कि बीच के ओवरों में कैसे रन बनाने हैं। वे टी20 फॉर्मेट की तरह बल्लेबाजी कर सकते हैं, लेकिन अगर विकेट गिरते हैं, तो उन्हें 25 से 40 ओवर तक स्ट्राइक रोटेट करना सीखना होगा। उन्हें इस दौरन रन को बनाने का एक तरीका खोजना होगा, जो वह निश्चित रूप से सोच रहे होंगे।
अब तक सूर्यकुमार यादव ने 32 वनडे खेले हैं। 24 रन की औसत से वे सिर्फ 511 रन बना सके हैं। 2 अर्धशतक लगाए गए हैं। यही नहीं, सूर्या ने टी20 इंटरनेशनल में 53 मैच में 46 की औसत से 1841 रन बनाए हैं। ३ शतक और १५ अर्धशतक लगाए हैं। 117 रन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
Also Read:- सीमेंट कंपनियों ने सितंबर ने बढ़ा दिए दाम


More Stories
CRPF Launches Inquiry as Eight Assistant Commandants Skip Special DG’s Official Lunch
ब्रिटेन से भारत लौटेगी वाग्देवी की दुर्लभ प्रतिमा, सरकार ने तेज किए कूटनीतिक प्रयास
Bihar model schools get new look as principals follow renaming and repainting orders