भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल 2016 रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक ने आंदोलन से अपना नाम वापस ले लिया है। साक्षी मलिक पहलवानों के दरना प्रदर्शन से पीछे हट गई हैं। साक्षी ने पहलवानों के आंदोलन से अपना नाम वापस लेते ही तुरंत अपनी रेलवे की नौकरी भी ज्वाइन कर ली है।
प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी जिसके बाद साक्षी मलिक ने यह फैसला लिया है। बता दें कि विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया के नेतृत्व में तमाम पहलवानों ने कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मर्चा खोल रखा था। ये पहलवान 23 अप्रैल से जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे। पहलवानों ने बृजभूषण शरण पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।

सात महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ 21 अप्रैल को कनॉट प्लेस थाने में बृजभूषण के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इन शिकायतों के आधार पर 28 अप्रैल को दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न के दो मामले दर्ज किए हैं। पहली प्राथमिकी नाबालिग द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर है, इसमें पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, दूसरी एफआईआर अन्य पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित है। इन मामलों में पुलिस की जांच जारी है।


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