भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने मंगलवार को कहा कि राहुल द्रविड़ के कार्यकाल में शुरू की गई प्रक्रियाओं ने भारत की चैंपियंस ट्रॉफी जीत की मजबूत नींव रखी। उन्होंने बताया कि द्रविड़ ने टीम के अंदर अनुशासन, निरंतरता और सामूहिक जिम्मेदारी की संस्कृति बनाई। इसके परिणामस्वरूप खिलाड़ियों को आत्मविश्वास मिला और उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखा। इसके अलावा, रोहित ने यह भी कहा कि उन्हीं रणनीतियों का पालन करने से भारत ने 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत ने भारतीय क्रिकेट को एक बार फिर विश्व मंच पर गौरवान्वित किया। उस समय टीम की कप्तानी रोहित के पास थी, जबकि गौतम गंभीर मुख्य कोच के रूप में टीम का नेतृत्व कर रहे थे।
रोहित शर्मा ने द्रविड़ को दिया जीत का श्रेय और साझा किया अनुभव
इसके साथ ही, रोहित शर्मा ने कहा कि राहुल द्रविड़ के साथ काम करना उनके करियर का सबसे यादगार अनुभवों में से एक रहा। उन्होंने बताया कि द्रविड़ के नेतृत्व में भारत 2023 वनडे विश्व कप के फाइनल तक पहुंचा था, हालांकि टीम को वहां हार का सामना करना पड़ा। लेकिन इसके बावजूद, भारत ने उस हार को सीख में बदल दिया और अगले वर्ष 2024 में टी20 विश्व कप जीतकर शानदार वापसी की। उन्होंने कहा कि यह सफलता किसी एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरी टीम की साझा मेहनत का नतीजा थी। साथ ही, उन्होंने गंभीर की कोचिंग शैली की भी सराहना की और कहा कि द्रविड़ की बनाई नींव पर गंभीर ने टीम को नई दिशा दी। परिणामस्वरूप, भारत ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में भी अपनी जीत की लय बरकरार रखी।
इसके अलावा, रोहित ने बताया कि टीम की सफलता का असली कारण सिर्फ तकनीक नहीं बल्कि मानसिक मजबूती थी। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी ने खुद को चुनौती दी और लगातार बेहतर बनने की कोशिश की। इसके साथ ही, टीम ने आत्मसंतुष्टि से दूरी बनाए रखी और हर मैच को नई शुरुआत की तरह खेला। उन्होंने बताया कि खिलाड़ी हर मैच के बाद तुरंत अगले मुकाबले की योजना बनाने लगते थे, जिससे ध्यान केंद्रित रहता था। इसलिए, यह निरंतरता और अनुशासन ही था जिसने भारत को लगातार दो बड़े टूर्नामेंट — टी20 विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी — जिताने में मदद की।
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ऑस्ट्रेलिया दौरे को लेकर रोहित शर्मा ने रखी अपनी राय
कार्यक्रम में बोलते हुए रोहित ने बताया कि द्रविड़ और उन्होंने 2024 टी20 विश्व कप की तैयारी बेहद योजनाबद्ध तरीके से की थी। उन्होंने कहा कि टीम ने रणनीति, फिटनेस और मानसिक तैयारी पर समान ध्यान दिया। इसके बाद, जब चैंपियंस ट्रॉफी की बारी आई, तो उसी दृष्टिकोण ने टीम को स्थिरता दी। उन्होंने बताया कि 2023 विश्व कप में मिली हार ने खिलाड़ियों को और मजबूत बनाया क्योंकि उन्होंने सीखा कि दबाव में कैसे टिके रहना है। साथ ही, उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी ने अपने हिस्से की भूमिका निभाई और टीम की सफलता में योगदान दिया। परिणामस्वरूप, भारत ने एक बार फिर साबित किया कि निरंतरता और एकता से बड़ी कोई ताकत नहीं होती।
अंत में, रोहित ने कहा कि उन्हें गर्व है कि भारतीय टीम ने तीनों प्रारूपों में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरा टीम के लिए एक और बड़ा अवसर है। हालांकि वनडे टीम की कप्तानी शुभमन गिल को सौंपी गई है, लेकिन रोहित को विश्वास है कि टीम अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि वहां का माहौल और पिचें खिलाड़ियों की परीक्षा लेती हैं। इसके बावजूद, उन्होंने कहा कि भारतीय टीम अब अधिक अनुभवी है और जानती है कि परिस्थितियों से कैसे निपटना है। अंततः, रोहित ने उम्मीद जताई कि भारत इस दौरे में भी शानदार खेल दिखाएगा और देश को गर्व महसूस कराएगा।
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