चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए स्टीव स्मिथ (73) और एलेक्स कैरी (61) के अर्धशतकों की मदद से 48.1 ओवर में 264 रन बनाए, लेकिन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 11 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर अपना बदला पूरा किया.
19 नवंबर 2023 को कप्तान रोहित शर्मा और करोड़ों भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की आंखों में आंसू थे, जब अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया ने भारत का विश्व कप जीतने का सपना तोड़ दिया था. आईसीसी नॉकआउट टूर्नामेंटों में भी ऑस्ट्रेलिया भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बना रहा, जहां आखिरी बार 2011 वनडे विश्व कप में उसे हराने में सफलता मिली थी. लेकिन उन सभी नाकामियों का दर्द तब मिट गया जब केएल राहुल ने 49वें ओवर की पहली गेंद पर ग्लेन मैक्सवेल को छक्का जड़कर भारत को जीत दिलाई. इस जीत के साथ पाकिस्तान की एक और किरकिरी हो गई, क्योंकि अब चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल 9 मार्च को दुबई में खेला जाएगा, जहां भारत का सामना दक्षिण अफ्रीका या न्यूजीलैंड से होगा. अगर ऑस्ट्रेलिया जीतता, तो फाइनल लाहौर में आयोजित किया जाता.
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ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए स्टीव स्मिथ (73) और एलेक्स कैरी (61) के अर्धशतकों के दम पर 48.1 ओवर में 264 रन बनाए. इसके जवाब में भारत ने 11 गेंद बाकी रहते लक्ष्य हासिल कर लिया. ‘प्लेयर आफ द मैच’ कोहली ने 98 गेंद में पांच चौकों की मदद से 84 रन बनाए. इसलिए ही कहा जाता है कि बुरे वक्त की सबसे अच्छी बात यह है कि वह भी एक दिन बीत ही जाता है.
कोहली की संयमित पारी और भारत की शानदार जीत
कोहली को श्रेयस अय्यर से पूरा साथ मिला जिन्होंने 45 रन बनाए और तीसरे विकेट के लिए 91 रन की साझेदारी भी की. इससे पहले कप्तान रोहित शर्मा (28 ) और शुभमन गिल (नौ) सस्ते में आउट हो गए थे. बल्लेबाजी की मददगार पिच पर कोहली का बल्ला खूब चला और बड़े शॉट खेलने की बजाय उन्होंने संयम से अपनी पारी को आगे बढ़ाया. वनडे पारियों में स्पिनरों के खिलाफ पिछले कुछ अर्से में नाकाम साबित होते आये कोहली ने यहां ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर एडम जम्पा को बखूबी खेला. उन्होंने अपनी पारी में शानदार पूल और ड्राइव लगाए.
अय्यर और अक्षर पटेल (27) एक के बाद एक विकेट गंवा बैठे लेकिन कोहली ने 53 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया. उन्हें स्पिनर कूपर कोनोली की गेंद पर मैक्सवेल से जीवनदान भी मिला जब उनका स्कोर 51 रन था. लेकिन जम्पा की गेंद पर लांग आन के पास बेन ड्वारशुइस को कैच देकर वह उस समय आउट हुए जब भारत को 40 रन की जरूरत थी. राहुल (नाबाद 42) और हार्दिक पंड्या (28) ने आक्रामक शॉट्स खेलकर भारत को जीत तक पहुंचाया. वैसे इस जीत में श्रेय भारतीय गेंदबाजों का भी है.
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