इस शानदार जीत का जश्न पीएम मोदी की सराहना के साथ पूरे देश में फैल गया। खिलाड़ियों ने दो वर्षों तक लगातार मेहनत, सैकड़ों प्रैक्टिस सत्र और सुदृढ़ अनुशासन के दम पर यह खिताब अपने नाम किया। इस विजय ने न सिर्फ महिला क्रिकेट की प्रतिष्ठा बढ़ाई बल्कि देश की बेटियों की क्षमता और दृढ़ संकल्प का प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत किया। इस जीत के बाद पूरे देश में उत्साह और गर्व की लहर दौड़ पड़ी।
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पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से मुलाकात का वीडियो जारी किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजेता टीम के साथ हुई विशेष मुलाकात का पूरा वीडियो अपने ट्विटर अकाउंट पर सार्वजनिक किया। वीडियो में खिलाड़ी खुलकर अपनी यात्रा, चुनौतियों और भावनात्मक पलों को पीएम के साथ साझा करते नजर आए। इस दौरान माहौल बेहद सौहार्दपूर्ण रहा, जहाँ खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और टीम की एकजुटता पर खुलकर बात की। मुलाकात में टीम के कोच अमोल मजूमदार और बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मनहास भी शामिल थे, जिन्होंने इस उपलब्धि को भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया।
बातचीत की शुरुआत कोच अमोल मजूमदार ने की, जिन्होंने पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए बताया कि टीम ने दो वर्षों तक लगातार कड़ी तैयारी की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी हर अभ्यास सत्र में पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ उतरते थे, क्योंकि उनका एक ही लक्ष्य था—भारत को विश्व कप दिलाना। उन्होंने यह भी बताया कि खिलाड़ी न केवल कौशल पर बल्कि मानसिक मजबूती पर भी बराबर ध्यान देती रहीं। अमोल ने कहा कि खिलाड़ियों का जज़्बा और निरंतर फोकस ही इस अद्भुत जीत का असली कारण बना।
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हरमनप्रीत ने पीएम के सामने व्यक्त की भावनाएँ
टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मुलाकात के दौरान बताया कि 2017 में जब वे पीएम से मिली थीं, तब टीम ट्रॉफी जीतने से चूक गई थी, जिससे मन में खलनायक जैसी भावना रह गई थी। उन्होंने कहा कि इस बार ट्रॉफी लेकर पीएम मोदी से मिलना उनके लिए सम्मान और संतोष का बड़ा क्षण बना। हरमनप्रीत ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात से खिलाड़ियों का मनोबल और अधिक बढ़ गया है और टीम अब भविष्य में और मजबूत प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित महसूस कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आगे भी ऐसी कई जीतों के साथ वे पीएम से मिलने की इच्छा रखती हैं।
इसके बाद स्मृति मंधाना ने कहा कि 2017 में उम्मीदों के दबाव को लेकर पीएम मोदी ने जो सलाह दी थी, उसने उनके करियर और सोच दोनों पर सकारात्मक असर डाला। उन्होंने बताया कि टीम ने पिछले छह–सात वर्षों में कई उतार-चढ़ाव का सामना किया, कई बार निराशा भी मिली, लेकिन कड़ी मेहनत और विश्वास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया। मंधाना ने कहा कि पहला विश्व कप भारत में जीतना उनके लिए किस्मत जैसा लगा और इस सफलता ने उनकी आत्मविश्वास को दोगुना कर दिया। उन्होंने कहा कि पीएम और देश की प्रगति देखकर लड़कियाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा लेती हैं, और टीम की कोशिश रहेगी कि भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल कर देश की बेटियों को प्रोत्साहित किया जाए।
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