भारतीय एथलीट अविनाश साबले ने सोमवार को पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज़ स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली। वह 8:15.43 के समय के साथ अपनी हीट में पांचवें स्थान पर रहे। इस उपलब्धि के साथ, साबले इस स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।
तीन हीट के शीर्ष पांच-पांच स्थान पर रहने एथलीट्स ने फाइनल का टिकट कटाया। साबले की हीट में मोरोक्को के मोहम्मद तिंडौफत ने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन आठ मिनट 10.62 सेकंड के समय के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। साबले ने कई बार अपने ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड को बेहतर किया है। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन आठ मिनट 09.94 सेकंड है जो उन्होंने पिछले महीने की शुरूआत में पेरिस डायमंड लीग हासिल किया था।
29 वर्षीय खिलाड़ी ने रेस की अच्छी शुरुआत की और पहले 1000 मीटर के बाद शीर्ष पर रहे, लेकिन इसके बाद कीनिया के अब्राहम किबिवोट ने बढ़त बना ली और साबले चौथे स्थान पर फिसल गये। वह 2000 मीटर की दूरी को पांच मिनट 28.7 सेकेंड में पूरी करने के बाद तीसरे स्थान पर थे। इस स्पर्धा का फाइनल सात और आठ अगस्त की रात को होगा।
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कौन है अविनाश साबले:
भारत के स्टार स्टीपलचेज़र अविनाश साबले ने इस पीढ़ी के भारत के प्रमुख लंबी दूरी के धावक के रूप में खुद को स्थापित किया है। अविनाश साबले का जन्म 13 सितंबर 1994 को महाराष्ट्र के बीड जिले के मांडवा गांव में हुआ था। अविनाश मुकुंद साबले एक साधारण परिवार में पले-बढ़े। बता दें कि सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें अपने स्कूल जाने के लिए हर दिन छह किलोमीटर दौड़ना पड़ता था। साबले ने कभी भी बड़े होकर किसी भी खेल को अपना करियर बनाने के बारे में नहीं सोचा था।
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साबले 12वीं कक्षा पास करने के बाद भारतीय सेना में भर्ती हुए और 5 महार रेजिमेंट का हिस्सा बने। वह सियाचिन, राजस्थान और सिक्किम में तैनात रहे। सेना के एथलेटिक्स कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अविनाश साबले ने 2015 में ही स्पोर्ट्स रनिंग के बारे में कुछ सीखा उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह 2017 फ़ेडरेशन कप में पांचवें स्थान पर रहे और फिर चेन्नई में ओपन नेशनल में स्टीपलचेज़ राष्ट्रीय रिकॉर्ड से सिर्फ 9 सेकेंड दूर रहे थे।


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