IPL 2025 सीजन के दौरान एक बड़ी खबर सामने आई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कॉर्बिन बॉश पर पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में खेलने से एक साल का प्रतिबंध लगा दिया है। गौरतलब है कि कॉर्बिन बॉश के पास इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में मुंबई इंडियंस (MI) का कॉन्ट्रैक्ट है। उन्होंने IPL में खेलने के लिए PSL से अपना नाम वापस ले लिया था। इसी फैसले के चलते PCB ने उन पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक साल का बैन लगा दिया।
Also Read : ‘जाट की दहाड़’ की बंपर ओपनिंग, साउथ की ‘गुड बैड अग्ली’ को पछाड़ा
PCB ने मुंबई इंडियंस के खिलाड़ी पर लगाया बैन
30 वर्षीय कॉर्बिन बॉश को इस साल जनवरी में PSL ड्राफ्ट में पेशावर जाल्मी ने डायमंड कैटेगरी में चुना था। हालांकि, मुंबई इंडियंस ने उन्हें आईपीएल 2025 में चोटिल लिजाद विलियम्स की जगह रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के तौर पर बुलाया था, जिसके कारण उन्होंने टूर्नामेंट शुरू होने से कुछ हफ्ते पहले ही PSL छोड़ दिया था। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को इसी बात से मिर्ची लग गई और उसने कॉर्बिन बॉश पर 1 साल का बैन लगा दिया।
Also Read : “तंगी से परेशान भाई ने बहन को जलाया और खुद कूद गया”
कॉर्बिन बॉश ने माफी मांगी
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के फैसले पर रिएक्शन देते हुए कॉर्बिन बॉश ने कहा, “मुझे पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) से हटने के अपने फैसले पर गहरा अफसोस है और मैं पाकिस्तान के लोगों, पेशावर जाल्मी के फैंस और व्यापक क्रिकेट समुदाय से क्षमा याचना करता हूं। PSL एक प्रतिष्ठित टूर्नामेंट है और मैं अपने कार्यों से हुई निराशा को पूरी तरह समझता हूं। पेशावर जाल्मी के वफादार फैंस, मैं आपको निराश करने के लिए सचमुच माफी चाहता हूं।”
Also Read : मुंबई हीरो के भाई की मांग तहव्वुर को फांसी दी जाए
कॉर्बिन बॉश ने कहा, “मैं अपने कार्यों की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं और इसके परिणामों को स्वीकार करता हूं, जिसमें जुर्माना और PSL से एक साल का प्रतिबंध भी शामिल है। यह एक कठिन सबक रहा है, लेकिन मैं इस अनुभव से सीखने के लिए प्रतिबद्ध हूं और उम्मीद करता हूं कि भविष्य में नए समर्पण और प्रशंसकों के विश्वास के साथ PSL में वापसी करूंगा।”


More Stories
12 साल का मोदी कार्यकाल: 12 प्रमुख फैसले, जिन्होंने देश की दिशा बदली
Why Does Ganga Water Stay Fresh? Science Meets Faith
पीएम मोदी ने सेमीकॉन इंडिया का किया शुभारंभ, सप्लाई चेन मजबूती के लिए सुधारों पर दिया जोर