नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में रविवार को विश्व चैंपियन भारत के डी गुकेश ने एक रोमांचक मुकाबले में नॉर्वेजियन विश्व नंबर एक शतरंज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हरा कर क्लासिकल शतरंज में उनसे पहली जीत हासिल की. कार्लसन, जो सफेद मोहरों के साथ खेल रहे थे, ने मैच के दौरान ज्यादातर समय दबाव बनाकर खेला, लेकिन गुकेश ने सावधानी से खेलने के साथ सही समय पर हमला कर जीत हासिल की.
Also Read : बाराबंकी: अर्टिगा-ट्रक भिड़ंत, 4 की मौत, 3 घायल
कार्लसन की गलतियों का फायदा उठाकर डी गुकेश ने जीता रोमांचक मुकाबला
जैसे जैसे कार्लसन पर समय से चाल चलने का दबाव बढ़ता गया, कार्लसन ने गलतियां कीं और इसने गुकेश को वापसी का मौका दिया. गुकेश ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपने सारी स्किल को मैच में झोंक दिया और जीत दर्ज की. मैच के बाद गुकेश ने कहा- मैं बहुत कुछ नहीं कर सकता था. मुझे बस इसका अधिकतम लाभ उठाना था. मैं ऐसे कदम उठा रहा था जो कार्लसन के लिए मुश्किल थे और सौभाग्य से चालें सही साबित हुईं. इस टूर्नामेंट से मैंने एक बात सीखी है कि समय से चाल चलने का दबाव आपको गलती करने पर मजबूर कर सकता है.
Also Read : क्या पाकिस्तान में आने वाली है भयंकर तबाही, बर्बादी का काउंटडाउन शुरू!
गुकेश ने बदला लिया कार्लसन से, मिली करियर की यादगार जीत; कार्लसन की निराशा साफ नजर आई
गुकेश ने कहा, ‘100 में से 99 बार शायद मैं इस चाल से हार जाता, लेकिन यह एक भाग्यशाली दिन है.’ हार के बाद निराश कार्लसन आपा खो बैठे और उन्होंने चेस बोर्ड पर हाथ पटक दिया और वहां से तेजी से बाहर निकल गए. इसके विपरीत, गुकेश ने अपने कोच गजेवस्की के साथ चुपचाप जश्न मनाया. उन्होंने करियर को परिभाषित करने वाली जीत का स्वाद चखा. दोनों के बीच टूर्नामेंट के पहले दौर में भिड़ंत हुई थी, जहां कार्लसन ने अपने ट्रेडमार्क चालों से जीत हासिल की थी. इस बार, हालांकि, गुकेश ने बाजी मारी और पिछली हार का बदला ले लिया. नॉर्वे शतरंज को व्यापक रूप से शतरंज कैलेंडर पर प्रमुख टूर्नामेंट में से एक माना जाता है. छह खिलाड़ी डबल राउंड-रॉबिन प्रारूप में एक दूसरे से भिड़ते हैं.
Also Read : ‘टॉम क्रूज़ का स्टंट डबल?’ – फिल्मी अंदाज़ में ब्रिज हादसे से बचा शख्स, इंटरनेट दंग


More Stories
AIIMS जोधपुर से पढ़ाई, UPSC में टॉप कर बने मिसाल अनुज अग्निहोत्री
IAF Fighter Jet Crash in Karbi Anglong Kills Two Pilots
AP considers social media ban for minors following Karnataka