आक्रामक शुरुआत ने बदला खेल का मिज़ाज
पिछले कुछ महीनों में विराट कोहली ने अपने वनडे खेल की दिशा बदल दी है। अब वह पारी की शुरुआत में हालात परखने में समय नहीं लेते, बल्कि क्रीज़ पर कदम रखते ही गेंदबाज़ों पर रन बनाने का दबाव बना देते हैं। जहां पहले कोहली संयम से पारी गढ़ते थे, वहीं अब वह पावरप्ले में ही बाउंड्री लगाकर मैच की रफ़्तार तय कर देते हैं। तेज़ स्ट्राइक रेट, शुरुआती ओवरों में बेख़ौफ़ शॉट्स और लक्ष्य का पीछा करते समय नए गियर में खेलना उनकी बल्लेबाज़ी को नई धार दे रहा है।
Also Read:10 मिनट डिलीवरी मॉडल पर सरकार सख्त Blinkit हटाएगा सुविधा: मंत्री ने फूड ऐप्स से की बातचीत
अनुभव और फ़िटनेस ने कोहली को दिलाई खुलकर खेलने की आज़ादी
कोहली ने इस बदलाव को अपने अनुभव, शानदार फ़िटनेस और साफ़ मानसिकता के दम पर अपनाया है। एक ही फ़ॉर्मेट पर पूरा ध्यान लगाने और कप्तानी के दबाव से दूर रहने के कारण वह निडर होकर बल्लेबाज़ी कर रहे हैं। वह विकेटों के बीच तेज़ दौड़ लगाते हैं, अपने पारंपरिक शॉट्स पर भरोसा बनाए रखते हैं और ज़रूरत पड़ते ही बड़े शॉट खेलने का फ़ैसला लेते हैं। इसी बदले हुए रवैये के सहारे कोहली एक बार फिर यह साबित कर रहे हैं कि 2027 वर्ल्ड कप की दौड़ में उन्हें नज़रअंदाज़ करना आसान नहीं होगा।
Also Read:बच्चों की एकाग्रता कैसे बढ़ाएं? यहां जानें Concentration पावर बढ़ाने का तरीका


More Stories
नेपाल में बालेन शाह की पार्टी RSP ने दर्ज की बड़ी जीत अन्य पार्टियां काफी पीछे
IND vs NZ T20 World Cup Final: What Kind of Pitch Will Ahmedabad Offer
AIIMS जोधपुर से पढ़ाई, UPSC में टॉप कर बने मिसाल अनुज अग्निहोत्री