भारतीय महिला टीम ने नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में 2 नवंबर 2025 को 52 साल का खिताबी इंतज़ार खत्म करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की। बारिश के कारण दो घंटे देरी से शुरू हुए फाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर गेंदबाज़ी चुनी, लेकिन टीम इंडिया ने बेहतरीन खेल दिखाकर यह मुकाबला अपने नाम किया। यह वही मैदान था, जहां भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रिकॉर्ड चेज़ कर फाइनल तक का रास्ता बनाया था, और उसी आत्मविश्वास को खिलाड़ियों ने निर्णायक मैच में भी कायम रखा। जीत के बाद देशभर में वैसा ही जोश देखने को मिला, जैसा 1983 की पुरुष विश्व कप जीत के समय देखा गया था। महिला टीम ने इस टूर्नामेंट में कई उतार-चढ़ाव देखे और लगातार तीन हार झेलने के बाद भी उम्मीद नहीं छोड़ी।
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भारतीय वनडे विश्व कप सफर ने दिखाया लंबा संघर्ष
वनडे विश्व कप के इतिहास में भारत का सफर हमेशा आसान नहीं रहा और टीम कई वर्षों तक ग्रुप चरण में ही रुकती रही। 1993 में भारत ने पहली बार बेहतर प्रदर्शन करते हुए राउंड रॉबिन में चौथा स्थान हासिल किया और 1997 तथा 2000 में लगातार सेमीफाइनल खेलकर प्रगति दिखाई। 2005 और 2017 में भारत फाइनल तक पहुंचा, लेकिन खिताब हाथ नहीं लगा, जबकि 2022 में भी टीम अंतिम चार में जगह नहीं बना सकी। इतने लंबे संघर्ष के बाद 2025 में भारतीय टीम ने मेजबान होने का फायदा उठाते हुए दक्षिण अफ्रीका को हराकर अपना पहला वनडे विश्व कप जीत लिया।
टी20 विश्व कप में भारतीय टीम ने कई चरणों में दम दिखाया और 2009 तथा 2010 में सेमीफाइनल में पहुंचकर अपनी पहचान बनाई। अगले कुछ सालों में टीम ग्रुप चरण पार नहीं कर सकी, लेकिन 2018 में सेमीफाइनल तक पहुंचकर मजबूत वापसी की और 2020 में पहली बार फाइनल खेलकर इतिहास रच दिया। 2023 में टीम सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हारी और 2024 में शुरुआती दौर में ही बाहर हो गई। इसके बावजूद, महिला टीम ने हमेशा खेल में जुनून दिखाया और 2025 की वनडे जीत ने इस संघर्ष को नई ऊंचाई दे दी।
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