कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) इस समय प्वाइंट्स टेबल में सातवें स्थान पर है, और इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि टीम की ‘सुपर मिसाइल’ इस सीजन उड़ान ही नहीं भर पाई. शाहरुख़ ख़ान की इस टीम को जैसे इस साल किसी की नज़र लग गई है. पिछले साल गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में जिस खिलाड़ी ने धमाल मचाकर टीम को चैंपियन बनाया था, वही इस बार बिल्कुल बेअसर साबित हो रहा है. ऐसा लगता है कि गंभीर के जाने के बाद टीम की कमान और कमाल दोनों ही बिखर गए हैं.
गौतम ने पिछले साल पुछल्ले सुनील नरेन को पुछल्ले से ओपनर में तब्दील करते हुए उन्हें फिल सॉल्ट के साथ फिट करते हुए ऐसी खतरनाक ‘ओपनिंग मिसाइल’ में बदला कि सभी विरोधी बॉलरों के गले सूख गए, लेकिन इस साल प्रबंधन ने सॉल्ट की जगह डिकॉक को फिट किया, तो ‘ओपनिंग मिसाइल’ मानो टेक ऑफ ही नहीं कर सकी. और जब आप इन आंकड़ों पर नजर डालेंगे, तो पता चलेगा कि हालात कितने खराब हैं. स साल केकेआर की ओपनिंग जोड़ी कितनी बुरी तरह फ्लॉप हुई है.
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ओपनिंग जोड़ी की नाकामी से जूझ रही KKR, रन और साझेदारी दोनों में फिसड्डी
यह आप इससे समझें कि ओपनर 11 पारियों में मिलकर सिर्फ 220 रन ही जोड़ सकते हैं. यह रन संख्या सभी टीमों में सबसे कम, तो सिर्फ 22 का औसत भी सभी टीमों में सबसे खराब है. वहीं, रन रेट ओपनिंग जोड़ी का 9.16 का रहा है, जो चौथा सबसे कम है. बेस्ट साझेदारी 46 रन की रही है. वहीं, प्रबंधन ने कभी नरेन के साथ डिकॉक को आजमाया, तो अब अफगानी रहमनुल्लाह को खिलाया जा रहा है, लेकिन हालात जस के तस हैं. और अगर केकेआर फिलहाल प्वाइंट्स टेबल में सातवें नंबर पर है, तो उसमें ओपनिंग जोड़ी की नाकामी बहुत बड़ा कारण है.
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केकेआर अगर पिछले साल चैंपियन बना, तो उसमें ओपनिंग जोड़ी का प्रदर्शन सबसे बड़ी वजह बनकर उभरा था. तब सुनील नरेन और फिल सॉल्ट ने मिलकर 12 मैचों में 46.58 के औसत से 559 रन बनाए. सर्वश्रेष्ठ साझेदारी 138 रन की रही थी, जबकि रन रेट 12.46 का रहा था, जो बताने के लिए काफी है कि ‘ओपनिंग मिसाइल’ ने बॉलरों को कितना बुरी तरह से बर्बाद किया. 12 पारियों में दोनों ओपनरों ने एक शतकीय, तो 5 अर्द्धशतकीय साझेदारी निभाईं थी.


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