कप्तान रोहित शर्मा की शानदार बल्लेबाजी और स्पिनरों के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारत ने न्यूजीलैंड को चार विकेट से हराकर रिकॉर्ड तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी जीती.
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने रविवार को न्यूजीलैंड को चार विकेट से हराकर तीसरी बार आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद अपनी खुशी जाहिर की. फाइनल में 76 रन की अर्धशतकीय पारी खेलकर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने रोहित ने कहा कि जीत का नतीजा अपने पक्ष में आना शानदार अहसास है. मैच के बाद उन्होंने वनडे से संन्यास की अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए आलोचकों से साफ कहा, ‘मैं वनडे क्रिकेट से संन्यास नहीं ले रहा हूं, कृपया अफवाहें न फैलाएं.’ इस सवाल पर हैरानी जताते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘फिलहाल कोई भविष्य योजना नहीं है, जो हो रहा है, वह चलता रहेगा.’
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रोहित शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी और टीम का समर्थन
पिछले कुछ समय से पहली गेंद से आक्रामक तेवर अपनाने वाले कप्तान रोहित शर्मा का बल्ला एक बार फिर खूब चला और उस समय जबकि टीम को उसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी. हालांकि, इससे पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर और चैंपियंस ट्रॉफी के शुरुआती मैचों में बल्ला नहीं चलने पर मीडिया रिपोर्ट्स में उनके संन्यास के कयास लगाए जा रहे थे. अब उन्होंने सभी रिपोर्ट्स का खंडन किया है.
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ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टेस्ट सीरीज में खराब फॉर्म से जूझते रहे रोहित अपने पसंदीदा प्रारूप में फॉर्म में लौटे और उनके 76 रन की बदौलत भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में न्यूजीलैंड को चार विकेट से हराया। रोहित ने जीत के बाद कहा, ‘नतीजे पक्ष में होना सुखद अहसास है.’ पिछले वनडे विश्व कप से आक्रामक बल्लेबाजी के अपने अंदाज के बारे में पूछने जाने पर उन्होंने कहा, ‘मैं स्वाभाविक रूप से ऐसा नहीं खेलता हूं लेकिन मैं ऐसा कुछ करना चाहता था. जब आप कुछ अलग करते हैं तो टीम और प्रबंधन आपके साथ होते हैं.’
उन्होंने कहा, ‘जब आप कुछ अलग कर रहे होते हैं तो आपको टीम और प्रबंधन का समर्थन प्राप्त होना चाहिए. मैंने पहले राहुल (राहुल द्रविड़) भाई से बात की और अब गौती (गौतम गंभीर) भाई से भी. मैं वास्तव में ऐसा करना चाहता था. मैं इन वर्षों में एक अलग शैली में खेला और अब हम इस शैली के साथ परिणाम हासिल कर रहे हैं.’
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