अमनप्रीत के निधन की खबर ने भारतीय क्रिकेट जगत को भावुक कर दिया। टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने भी सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए गहरा दुख जताया। उन्होंने लिखा कि यह खबर बेहद दुखद है और उन्होंने परिवार के लिए प्रार्थना की। दोनों खिलाड़ी अंडर-19 क्रिकेट के दौरान साथ खेल चुके थे, इसलिए यह खबर कोहली के लिए व्यक्तिगत रूप से भी काफी दर्दनाक रही। पूर्व क्रिकेटर अमनप्रीत गिल के अचानक निधन ने पंजाब क्रिकेट से जुड़े लोगों को भी झकझोर दिया है। उनके साथी खिलाड़ी, कोच और प्रशंसक उन्हें एक मेहनती और शांत स्वभाव के खिलाड़ी के रूप में याद कर रहे हैं। क्रिकेट के शुरुआती दिनों से ही उन्होंने अपने खेल से पहचान बनाई थी और घरेलू स्तर पर लगातार संघर्ष किया था।
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अमनप्रीत का क्रिकेट सफर और शुरुआती पहचान
उन्होंने दाहिने हाथ से मध्यम गति की तेज गेंदबाजी की और बल्लेबाजी भी दाहिने हाथ से की। अमनप्रीत गिल का जन्म 16 सितंबर 1989 को पंजाब के चंडीगढ़ में हुआ था। बचपन से ही उनका झुकाव क्रिकेट की ओर था, और इसी जुनून ने उन्हें अंडर-19 स्तर तक पहुंचाया। उन्होंने भारत की अंडर-19 टीम के लिए खेलते हुए अपनी प्रतिभा दिखाई। इसी दौरान उनकी मुलाकात विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों से हुई। वहां उन्होंने गेंदबाज के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई और कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में टीम के लिए योगदान दिया। आईपीएल में भी उन्हें मौका मिला, जब किंग्स इलेवन पंजाब ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। हालांकि, वह लंबे समय तक खुद को स्थापित नहीं कर सके।
अमनप्रीत ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कुल छह मुकाबले खेले। उनकी गेंदबाजी औसत 54.72 रही, जबकि एक पारी में 72 रन देकर चार विकेट लेना उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जाता है। बल्लेबाजी में उन्होंने सात पारियों में 42 रन बनाए। इन मैचों की 10 पारियों में उन्होंने 11 विकेट हासिल किए। भले ही उनके आंकड़े बहुत बड़े नहीं रहे, लेकिन उन्होंने हर अवसर पर टीम के लिए मेहनत की। कई बार खिलाड़ी केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि अपने संघर्ष और समर्पण से याद रखे जाते हैं। आज अमनप्रीत को लोग एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में याद कर रहे हैं, जिसने सीमित मौकों के बावजूद क्रिकेट के प्रति अपना प्यार कभी कम नहीं होने दिया। उनका सफर युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा भी है और यह याद दिलाता है कि खेल केवल रिकॉर्ड नहीं, बल्कि रिश्तों और सम्मान का भी नाम है।
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