पेरिस ओलंपिक 2024 के 7वें दिन, भारत के स्टार शटलर लक्ष्य सेन ने इतिहास रचते हुए मेंस सिंगल्स के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। अब वह मेडल जीतने से सिर्फ एक कदम दूर हैं। सेमीफाइनल में जीत दर्ज करने पर उनका मेडल पक्का हो जाएगा। इतना ही नहीं, लक्ष्य सेन ओलंपिक में मेंस सिंगल्स बैडमिंटन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले भारत के पहले खिलाड़ी भी बने हैं। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने चीनी ताइपे के चोउ तियेन चेन को रोमांचक मुकाबले में हराकर यह उपलब्धि हासिल की।
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उत्तराखंड के अल्मोड़ा के रहने वाले 22 साल के लक्ष्य सेन ने विश्व चैम्पियनशिप 2021 में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। लक्ष्य के लिए यह क्वार्टर फाइनल मैच बिल्कुल भी आसान नहीं था। उन्होंने 2022 विश्व चैम्पियनशिप ब्रॉन्ज मेडल विजेता चेन को 19-21, 21-15, 21-12 से हराया। लक्ष्य सेन चेन के खिलाफ पहले गेम में हार गए थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए चीनी ताइपे के खिलाड़ी छक्के छुड़ा दिए।
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लक्ष्य सेन के पास ओलंपिक में सिंगल्स बैडमिंटन में पुरुषों के पहले मेडल का मौका
भारत के लिए ओलंपिक में महिला सिंगल्स बैडमिंटन में साइना नेहवाल (2012) ब्रॉन्ज मेडल, पीवी सिंधु सिल्वर (2016) और ब्रॉन्ज (2020) जीत चुकी हैं। ऐसे में अब पहली बार कोई पुरुष खिलाड़ी सिंगल्स में मेडल जीतने के इतने करीब पहुंचा है। कॉमनवेल्थ गेम्स चैम्पियन लक्ष्य का सामना अब 2021 के विश्व चैम्पियन सिंगापुर के लोह कीन यू और ओलंपिक चैम्पियन डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसन के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा।
भारत के लिए ओलंपिक बैडमिंटन पुरुष एकल स्पर्धा में पारूपल्ली कश्यप 2012 लंदन ओलंपिक में और किदाम्बी श्रीकांत 2016 रियो ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे थे। ऐसे में लक्ष्य सेन कोशिश करेंगे कि वह वह भारत के लिए ओलंपिक में मेडल जीतने वाले पहले मेंस शटलर बनने का गौरव हासिल करें।Also Read: Cover Letters: Your Gateway to Career Opportunities


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