एक्टर विजय ने मदुरै रैली में घोषणा की कि TVK सभी 234 सीटों पर लड़ेगी।उन्होंने यह तय किया कि 2026 में विधानसभा चुनाव के लिए हर सीट पर उम्मीदवार उतारेंगे।इस रैली में विजय ने मंच से बीजेपी और डीएमके दोनों पर तीखे हमले किए।
विजय ने कहा कि उनका फोकस तमिलनाडु की जनता के असली मुद्दों पर रहेगा।उन्होंने CM स्टालिन को “अंकल” कहकर राजनीतिक उम्र पर व्यंग्य किया और निशाना साधा।उन्होंने MGR और विजयकांत का उदाहरण देकर एक्टर्स के नेता बनने को सही ठहराया।विजय ने कहा कि जैसे शेर दहाड़ता है, वैसे ही वो राजनीति में आएंगे।उन्होंने अपने स्टारडम को राजनीतिक ताकत में बदलने की कोशिश पूरे आत्मविश्वास से की।
TVK का प्रभाव और रणनीति
भीड़ में मौजूद लाखों समर्थकों को विजय ने सीधा मैसेज दिया और जोश भर दिया।इस रैली से साफ है कि विजय अब तमिल राजनीति में बड़ी भूमिका चाहते हैं।विजय ने रैली में बार-बार एमजीआर का नाम लेकर AIADMK के वोटर्स को साधा।उन्होंने मदुरै ईस्ट सीट से चुनाव लड़ने का एलान करके सीधा संदेश देने की कोशिश की।उन्होंने DMDK, AIADMK और MDMK के मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का संकेत दिया।उन्होंने स्टालिन को “पुरानी पीढ़ी” कहकर खुद को नए युग का नेता बताया।विजय ने बीजेपी को NEET, कीलाडी और कच्चातिवू जैसे मुद्दों पर घेरने की रणनीति अपनाई।
राजनीतिक विशेषज्ञों ने कहा कि विजय की रैली से डीएमके को फिलहाल बहुत खतरा नहीं है।उनके अनुसार, विजय का फोकस बीजेपी और AIADMK के वोटबैंक को तोड़ने पर है।उन्होंने कहा कि विजय का असर सीधे विपक्षी दलों की ताकत पर पड़ेगा, सत्ताधारी पर नहीं।डीएमके नेताओं को लगता है कि TVK की ताकत धीरे-धीरे असली चुनौती बन सकती है।अगर विजय 25-30 सीटें जीतते हैं, तो विधानसभा की स्थिति पूरी तरह बदल सकती है।उन्होंने यह बताया कि ऐसे हालात में विजय 2032 के चुनाव में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
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भविष्य की राजनीति में विजय की स्थिति
रैली की सफलता ने यह स्पष्ट किया कि जनता में विजय के प्रति आकर्षण बढ़ा है।उनका जनसमर्थन उन्हें राज्य में तीसरे बड़े राजनीतिक विकल्प के रूप में खड़ा कर सकता है।राजनीतिक जानकार मानते हैं कि उन्होंने ने खुद को भविष्य का संभावित मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाया है।उन्होंने अपने भाषण में जो बातें रखीं, वह सत्ता के लिए स्पष्ट इरादों को दर्शाती हैं।रैली में जोश और जनसमर्थन ने TVK को तुरंत राजनीतिक ताकत बना दिया है।जनता से जो वादे किए, वे सीधे उनके जीवन से जुड़े मुद्दे थे।उन्होंने बार-बार कहा कि वह मनोरंजन नहीं, बदलाव के लिए राजनीति में आए हैं।यह लाइन उनके समर्थकों को राजनीतिक आंदोलन से जोड़ने में कामयाब साबित हो रही है।
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